रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी के मुज़फ्फरनगर आगमन पर पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान सिद्दीकी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियों से किसान, गरीब, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के लिए काले कानून लेकर आई थी। जब पूरे देश में इसका विरोध हुआ और समाजवादी पार्टी समेत कई संगठनों ने आंदोलन किया, तब सरकार को मजबूर होकर ये कानून वापस लेने पड़े। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर ये कानून सही थे तो वापस क्यों लिए गए और अगर गलत थे तो किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले 700 से अधिक किसानों की मौत का जिम्मेदार कौन है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति समाज को बांटने की है। सिद्दीकी ने कहा कि 2014 से पहले देश और प्रदेश में हिंदू-मुस्लिम के नाम पर इस तरह का माहौल नहीं बनाया जाता था। जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी तब प्रदेश में भाईचारे का माहौल था। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव तीन बार मुख्यमंत्री रहे और अखिलेश यादव ने भी पांच साल तक प्रदेश की कमान संभाली, लेकिन उस दौरान प्रदेश में इस तरह का तनाव और वैमनस्य का माहौल देखने को नहीं मिला।

महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा देने वाली सरकार बताए कि आखिर बेटियों को किससे बचाना है। उनका आरोप था कि आज उत्तर प्रदेश में बेटियों के खिलाफ अपराधों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने सोनभद्र, मेरठ और अन्य जिलों की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि छोटी-छोटी बच्चियों तक के साथ अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
सिद्दीकी ने प्रयागराज में हाल ही में सामने आए एक विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां एक शंकराचार्य के साथ अभद्रता और अपमान की घटना सामने आई, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उसी प्रकरण में बटुकों की चोटी खींचने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने की बात भी सामने आई, जो समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला मामला है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था कमजोर हो चुकी है और शासन-प्रशासन का नियंत्रण ढीला पड़ गया है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य प्रदेश के गरीब, दलित, शोषित, वंचित और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों तक पहुंचना है। पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव और घर-घर जाकर संगठन को मजबूत करेंगे और जनता के बीच जाकर सरकार की नीतियों की वास्तविकता बताएंगे। चाहे किसी का घर कच्चा हो या घास-फूस का, समाजवादी पार्टी हर वर्ग के लोगों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी।
सिद्दीकी ने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि आने वाला समय संगठन को और मजबूत करने का है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ जनता के बीच जाएं और लोगों की समस्याओं को उठाएं।
अंत में उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य संगठन को मजबूत करना है और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव को दोबारा मुख्यमंत्री बनाना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए अभी से कार्यकर्ताओं को मैदान में उतरना होगा और जनता के बीच जाकर बदलाव की लड़ाई को आगे बढ़ाना होगा।

