रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर। शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी और निजी विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए पीएम श्री विद्यालय सिखेड़ा के छात्र-छात्राओं को आर्य एकेडमी इंटरनेशनल स्कूल, मुज़फ्फरनगर का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। इस दौरान एकेडमी पहुंचने पर विद्यालय के डायरेक्टर और छात्राओं ने अतिथि विद्यार्थियों का फूलमालाओं के साथ भव्य स्वागत किया, जिससे बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।
यह कार्यक्रम पीएम श्री विद्यालयों का निजी विद्यालयों के साथ युग्मन योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य सरकारी और निजी स्कूलों के बीच शैक्षिक संसाधनों, अनुभवों और बेहतर शिक्षण पद्धतियों का आदान-प्रदान कर शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सशक्त बनाना है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक के निर्देशन तथा जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य विकास अधिकारी कण्डारकर कमलकिशोर देशभूषण के मार्गदर्शन में आयोजित इस भ्रमण कार्यक्रम को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार के नेतृत्व में संपन्न कराया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों के बीच अलगाव को समाप्त कर एकीकृत शिक्षा को बढ़ावा देना, संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना तथा शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच सकारात्मक और सहयोगात्मक वातावरण तैयार करना रहा।
भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने आर्य एकेडमी की रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान और जीव विज्ञान प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया और वहां उपलब्ध आधुनिक उपकरणों व प्रयोगों की जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा चित्रकला गैलरी, खेल मैदान और अन्य शैक्षिक संसाधनों को भी देखा तथा शिक्षकों से विभिन्न विषयों पर जानकारी हासिल की।
इस अवसर पर दोनों विद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच संवाद कार्यक्रम भी आयोजित हुआ, जिसमें शिक्षा से जुड़े अनुभवों और विचारों का आदान-प्रदान किया गया। इससे बच्चों को नई सीख के साथ-साथ आत्मविश्वास और प्रेरणा भी मिली।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. राजीव कुमार (सदस्य) तथा जिला समन्वयक समेकित शिक्षा सुशील कुमार ने एकेडमी के डायरेक्टर सुघोष आर्य, कोऑर्डिनेटर श्रीमती नीलू और समस्त स्टाफ का आभार व्यक्त किया। इस दौरान पीएम श्री विद्यालय सिखेड़ा की प्रधानाध्यापिका श्रीमती रश्मि मिश्रा सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ भी उपस्थित रहा।
यह शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि सरकारी और निजी विद्यालयों के बीच सहयोग और समन्वय की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित

