रिपोर्ट – हरीश

हमीरपुर। सुबह विद्यालय जा रहा प्राइमरी का सहायक अध्यापक भभौरा, गहतौली के मध्य गेट संख्या 39 को पार करते समय मालगाड़ी के चपेट में आकर जान से हाथ धो बैठा। मृतक अध्यापक की एक माह पूर्व ही गहतौली में तैनाती हुई थी। मृतक अपने पीछे वृद्ध माता-पिता, पत्नी, तीन पुत्री एवं एक पुत्र को रोता बिलखता छोड़ गया है। मृतक अपने मां-बाप की इकलौती संतान था।
मूल रूप से सिडरा गांव निवासी हाल मुकाम रमेडी हमीरपुर सुरेंद्र यादव 42 वर्ष की तैनाती हेलापुर के प्राथमिक विद्यालय में थी। शिक्षकों से विवाद करने पर इसको निलंबित कर दिया गया था। एक माह पूर्व इसको बहाल करके प्राथमिक विद्यालय गहतौली में तैनात किया गया था। शनिवार को सुबह करीब 10 बजे यह बाइक से भभौरा एवं गहतौली के मध्य बने रेलवे गेट संख्या 39 में पहुंचा। उस समय गेट बंद था। यह बाइक को खड़ी करके गेट के नीचे से घुसकर रेलवे ट्रैक में पहुंच गया। ट्रैक को पार करते समय यह गुजर रही मालगाड़ी से टकरा गया। इसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक अपने पीछे-पिता कालका प्रसाद, मां, पत्नी गीता देवी, पुत्री दिव्यांशी, तेजस्विनी, मानसी तथा पुत्र आर्यन को रोता बिलखता छोड़ गया है। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक शिक्षक अपने मां-बाप की इकलौती संतान था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शिक्षक लापरवाही के चलते हादसे का शिकार हुआ है। खंड शिक्षा अधिकारी प्रभाकर सिंह तोमर ने बताया कि हेलापुर में तैनाती के दौरान अभिभावकों की शिकायत पर जांच के बाद नवंबर माह में निलंबित किया गया था। एक माह पूर्व बहाल करके नई तैनाती गहतौली में की गई थी। इस हादसे के बाद शिक्षकों में शोक की लहर दौड़ गई है। थानाध्यक्ष अनूप सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

