जब गरीबी के आगे टूट रही थी माता-पिता की आस, तब संजीवनी लाया प्रशासनः दो मासूमों के इलाज के लिए बढ़ाए हाथ

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डीएम अजय कुमार द्विवेदी की संवेदनशीलताः जनता दर्शन में सुनी पीड़ा चाइल्ड फंड से तुरंत स्वीकृत की लाखों की सहायता

डीपीओ धर्मेन्द्र मिश्रा की तत्परता ने फाइलों में नहीं अटकने दी मदद, लाभार्थियों तक पहुंचाए चेक

रिपोर्ट – शारिक खान

रामपुर। कहते हैं जब हर दरवाजा बंद हो जाता है और इंसान बेबसी की चादर ओढ़ लेता है, तब कोई न कोई उम्मीद की किरण जरूर नजर आती है। ऐसा ही मार्मिक दृश्य कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता दर्शन में देखने को मिला। गरीबी के कारण अपने बीमार बच्चों का इलाज कराने में लाचार माता-पिता की आंखों में उस वक्त खुशी के आंसू छलक पड़े, जब जिला प्रशासन उनके लिए मसीहा बनकर सामने आया। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी की संवेदनशीलता और आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) धर्मेन्द्र कुमार मिश्रा की प्रशासनिक तत्परता ने न सिर्फ दो मासूमों के इलाज का रास्ता साफ किया, बल्कि सिस्टम पर आम आदमी के भरोसे को भी और मजबूत कर दिया

विस्तृत खबर

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याएं सुनीं।

लेकिन इस दौरान सबसे भावुक पल वह था जब दो गरीब परिवारों को उनके बीमार बच्चों के इलाज के लिए चाइल्ड एण्ड केयर प्रोटेक्शन फंड से जीवनदायिनी आर्थिक मदद सौंपी गई।
जिलाधिकारी ने तहसील सदर के ग्राम सैजनी नानकार निवासी अफनान, जो मुरादाबाद के डीएनबी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है, के अभिभावक को 47,000 रुपये का चेक प्रदान किया। इसी तरह तहसील सदर के नालापार की रहने वाली अकशा, जिसका इलाज एसएस मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में चल रहा है, के परिजनों को 46,500 रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा गया

डीपीओ धर्मेन्द्र कुमार मिश्रा ने दिखाई गजब की फुर्ती

इस मार्मिक कहानी की शुरुआत पिछले जनता दर्शन से हुई थी, जब इन बच्चों के माता-पिता ने रुंधे गले से डीएम को बताया था कि तंगहाली के कारण उनके बच्चों का इलाज बीच में ही रुकने वाला है। डीएम ने तुरंत मदद का आश्वासन दिया। इस वादे को जमीन पर जल्द से जल्द उतारने में आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अहम भूमिका निभाई।
अक्सर सरकारी काम फाइलों में अटक जाते हैं, लेकिन डीपीओ ने इस मामले में गजब की मानवीयता और तत्परता दिखाई। उन्होंने व्यक्तिगत रूचि लेते हुए कागजी कार्यवाही को मिशन मोड में पूरा करवाया। उनकी इसी सक्रियता का परिणाम रहा कि रिकॉर्ड समय में सहायता राशि स्वीकृत होकर गरीब माता-पिता के हाथों में पहुंच गई पैसों की कमी से नहीं रुकेगा किसी बच्चे का इलाजः डीएम चेक सौंपने के बाद जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि प्रशासन जरूरतमंदों के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। उन्होंने कहा, बच्चों का स्वास्थ्य, शिक्षा और उनकी सुरक्षा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी बच्चे की सांसें या उसका इलाज पैसों के अभाव में न रुके डीएम ने डीपीओ धर्मेन्द्र मिश्रा की त्वरित कार्यशैली की सराहना करते हुए अन्य अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ इसी तरह पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए।

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