रिपोर्ट – मो0 नसीम


बाराबंकी। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र के गुलामाबाद में इस वर्ष भी पारंपरिक तरीके से होलिका दहन किया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर जैसे पड़ोसी जिलों के साथ-साथ दिल्ली, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और बिहार से भी बड़ी संख्या में लोग यहां होली तापने आते हैं। श्रद्धालुओं का आगमन एक दिन पहले ही शुरू हो गया था। सोमवार शाम को भारी भीड़ उमड़ी और रात में यहां एक मेले का भी आयोजन किया गया। गुलामाबाद में बाबा पीर गुलाम और दुर्गादास का एक बहुत प्राचीन समाधि स्थल है। श्रद्धालुओं ने यहां बाबा की मजार पर प्रसाद चढ़ाया, माथा टेका और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना की। यह स्थल सांप्रदायिक सौहार्द का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करता है, जहाँ हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग बाबा की मजार पर एक साथ पूजा-अर्चना करते हैं। यह स्थान आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, यहाँ तीन बार होली तापने से मिर्गी जैसी असाध्य बीमारियाँ ठीक हो जाती हैं। बताया जाता है कि गाँव का प्रजापति समाज दवा को प्रसाद के रूप में वितरित करता है, जिसके लिए मरीज पान लेकर आते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए थे। होलिका स्थल से दूर एक पार्किंग स्थल बनाया गया था, जहाँ लोगों ने अपने वाहन खड़े किए। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभारी निरीक्षक यशकांत सिंह पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे।
