रिपोर्ट – एकरार खान

गाजीपुर। भले ही पंचायत चुनाव अभी दूर हों, लेकिन मनिहारी ब्लॉक में ब्लॉक प्रमुख को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अभी से तेज हो गई हैं। गांव-गांव, गली-चौराहों और चौपालों पर एक ही चर्चा है—क्या मनिहारी को बाहरी ब्लॉक प्रमुख चाहिए या फिर स्थानीय प्रतिनिधि?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह चुनाव सिर्फ पद का नहीं, बल्कि विकास बनाम विनाश का सवाल है। जनता के बीच यह बहस जोर पकड़ रही है कि अगर ब्लॉक की कमान किसी बाहरी व्यक्ति के हाथ में जाती है तो क्या वह क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को समझ पाएगा, या फिर एक बार फिर मनिहारी विकास की दौड़ में पीछे छूट जाएगा।
वहीं स्थानीय चेहरों को लेकर लोगों में उम्मीद दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का मानना है कि स्थानीय प्रतिनिधि ही गांवों की मूल समस्याओं—सड़क, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार—को बेहतर तरीके से समझ सकता है और मनिहारी को विकास के रास्ते पर ले जा सकता है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, मनिहारी ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी हमेशा से सियासी रूप से अहम रही है, इसी वजह से चुनाव से काफी पहले ही दावेदार सक्रिय हो गए हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि जनता विकास के नाम पर स्थानीय नेतृत्व को चुनती है या फिर किसी बाहरी चेहरे को मौका देती है।
अब मनिहारी के सामने बड़ा सवाल है—विकास की राह या फिर विनाश का रास्ता? जवाब आने वाले समय में जनता के फैसले से मिलेगा।
