रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। सहारनपुर मंडल के आयुक्त एवं जनपद के नोडल अधिकारी डॉ. रूपेश कुमार ने विकास भवन सभागार में समीक्षा बैठक के दौरान साफ शब्दों में कहा कि निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री या लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेताया कि जहां भी गुणवत्ता में कमी मिली, वहां संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
बैठक में मंडलायुक्त ने सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा करते हुए बी, सी और डी ग्रेड में चल रहे विभागों के अधिकारियों को फटकार लगाई और रैंकिंग में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य, नमामि गंगे, ग्रामीण जलापूर्ति, नियोजन, पंचायतीराज, पर्यटन, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, लोक निर्माण विभाग और एनआरएलएम समेत कई विभागों को प्रदर्शन बेहतर करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाने को कहा गया।

उन्होंने 14 लंबित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन कार्यों में देरी हो रही है, उन्हें तेजी से पूरा कराया जाए। लोई प्रक्षेत्र के विभिन्न ब्लॉकों के सुदृढ़ीकरण, आयुर्वेद महाविद्यालय में पंचकर्म इकाई भवन, पुलिस लाइन ट्रांजिट हॉस्टल, पुरकाजी जलापूर्ति योजना, पानीपत-खटीमा मार्ग चौड़ीकरण, ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण और गंगा नहर तंत्र से जुड़ी परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया गया।
मंडलायुक्त ने कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित निगरानी होनी चाहिए। विभागीय अधिकारी मौके पर जाकर कार्य की गुणवत्ता जांचें और उपयोग की जा रही सामग्री की जांच कर रिपोर्ट दें। जो परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, उन्हें संबंधित विभागों को तत्काल हैंडओवर कराया जाए।
बैठक में फैमिली आईडी अभियान की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताई गई। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी को निर्देश दिए गए कि अभियान चलाकर अधिक से अधिक परिवारों का पंजीकरण कराया जाए। वहीं गन्ना किसानों के बकाया भुगतान पर जिला गन्ना अधिकारी को चीनी मिलों से समन्वय कर जल्द भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा विभाग की समीक्षा में प्राथमिक विद्यालयों की स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर और स्मार्ट टीवी चालू रखने तथा मिड-डे मील मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने को कहा गया। लोक निर्माण विभाग को गड्ढामुक्त सड़क अभियान तेज करने, जबकि विद्युत विभाग को स्मार्ट मीटर कैंप लगाकर जागरूकता बढ़ाने के आदेश दिए गए।
कृषि विभाग की कार्रवाई का हवाला देते हुए अधिकारियों ने बताया कि पेस्टिसाइड पर छापेमारी में 10 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, तीन लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई में हैं और 11 मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। जिले में यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता भी बताई गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि सभी सीएचसी और पीएचसी पर चिकित्सक मौजूद रहें, मरीजों का इलाज करें और गंभीर स्थिति में ही रेफर किया जाए। मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार रखने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के बाद मंडलायुक्त ने चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में भारोत्तोलन, जिम्नास्टिक हॉल, वॉलीबॉल कोर्ट, जिम हॉल और बैडमिंटन हॉल के जीर्णोद्धार कार्यों का निरीक्षण किया। साथ ही राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में मीटिंग हॉल, पार्किंग और गेस्ट हाउस निर्माण कार्य की प्रगति भी देखी। अधिकारियों ने बताया कि दोनों परियोजनाओं में 51 से 55 प्रतिशत तक भौतिक प्रगति हो चुकी है।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने निर्माण में प्रयुक्त ईंटों की गुणवत्ता भी परखी और कार्यदायी संस्थाओं को समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष प्रणता ऐश्वर्या, एडीएम वित्त गजेंद्र कुमार, एडीएम प्रशासन संजय कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़ समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

