रिपोर्ट – एकरार खान

गाजीपुर। जनपद को पूर्वांचल से जोड़ने वाला गंगा ब्रिज वीर अब्दुल हमीद सेतु पहले से ही जर्जर स्थिति में है, बावजूद इसके पुल पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही धड़ल्ले से जारी है। नियमों को ताक पर रखकर भारी मालवाहक वाहन दिन-रात सेतु से गुजर रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों के अनुसार सेतु की हालत कई वर्षों से खराब बनी हुई है। जगह-जगह सड़क की सतह उखड़ी हुई है, लोहे के हिस्सों में जंग लग चुका है और कंपन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इसके बावजूद ओवरलोड ट्रकों और भारी वाहनों पर न तो प्रभावी रोक लगाई जा रही है और न ही सख्त जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि ओवरलोडिंग पर नियंत्रण के लिए बनाए गए नियम और चेकिंग व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित रह गई है। जिम्मेदार विभागों की उदासीनता के कारण सेतु पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे पुल की उम्र और कम होने की आशंका जताई जा रही है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते ओवरलोडिंग पर रोक नहीं लगाई गई और सेतु की तकनीकी जांच कर आवश्यक मरम्मत नहीं की गई, तो किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वीर अब्दुल हमीद सेतु पर तत्काल ओवरलोड वाहनों की सख्त जांच शुरू कराई जाए, वजन मापने की व्यवस्था दुरुस्त की जाए और पुल की संरचनात्मक स्थिति का विशेषज्ञों से परीक्षण कराया जाए, ताकि जनहित में किसी अनहोनी को रोका जा सके।
