रिपोर्ट – अनिल कुमार

फतेहपुर। थाना बिंदकी क्षेत्र में दिनदहाड़े जेबकट की वारदात सामने आने के बाद पुलिस की सतर्कता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम माधोपुर निवासी रामपाल यादव की जेब काटकर 49 हजार रुपये नकद उड़ा लिए गए, जबकि घटना भीड़भाड़ वाले रास्ते पर हुई।
पीड़ित रामपाल यादव के अनुसार 14 दिसंबर 2025 की सुबह करीब 10:30 बजे वह गांव के जितेंद्र यादव के रिक्शे से बिंदकी जा रहे थे। उन्हें 10 एचपी की सबमर्सिबल पंप मोटर खरीदने के लिए 49 हजार रुपये साथ ले जाने थे। खजुहा क्षेत्र में बावन इमली के पास एक अज्ञात व्यक्ति को रिक्शे पर बैठा लिया गया, जिसने कुछ दूरी पर उतरते समय कुर्ते की जेब काटकर पूरी रकम पार कर दी।
रकम गायब होने का पता चलते ही पीड़ित ने शोर मचाया, लेकिन तब तक जेबकट फरार हो चुका था। घटना के चार दिन बाद 18 दिसंबर को पीड़ित ने थाना बिंदकी पहुंचकर तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सवाल यह है कि ?
क्या सार्वजनिक मार्गों पर जेबकटों की निगरानी के लिए पुलिस के पास कोई ठोस योजना है?
इतनी बड़ी रकम लेकर यात्रा करने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?
क्या सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों की तलाश में पुलिस सक्रियता दिखाएगी या मामला फाइलों में दब जाएगा?
दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने बिंदकी क्षेत्र में बढ़ते जेबकट अपराधों की पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि पुलिस केवल एफआईआर तक सीमित रहती है या वास्तव में आरोपी तक पहुंचकर पीड़ित को न्याय दिलाती है।
