रिपोर्ट – अनिल कुमार

अमौली/बिंदकी (फतेहपुर)। मवई धाम ब्लॉक की मवई ग्राम पंचायत में बनी सरकारी गौशाला से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां बीते कई महीनों से गायों के साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार, भूख-प्यास से तड़पाकर मारने और सुनियोजित हत्याओं के गंभीर आरोप लगे हैं। बुधवार को सामने आए एक वीडियो ने पूरे मामले को और भी भयावह बना दिया है। आरोप है कि गौशाला में न तो गायों के लिए नियमित चारे-पानी की व्यवस्था है और न ही ठंड से बचाव के कोई इंतजाम किए गए हैं। बाहर से अपनी निजी गायें छोड़ने आने वाले ग्रामीणों से कथित रूप से 1000 से 2500 रुपये तक वसूले जाते हैं। संख्या “मेंटेन” करने के नाम पर गायों को अंदर तो ले लिया जाता है, लेकिन इसके बाद 4 से 10 दिनों के भीतर भूख के कारण उनकी मौत हो जाती है।
स्थिति इतनी भयावह बताई जा रही है कि भूख से बिलखते बछड़े तड़पते रहते हैं और मरी या अधमरी गायों को ट्रैक्टर से घसीटकर फेंक दिया जाता है। आरोप यह भी है कि कई बार जिंदा गायों को ट्रैक्टर से कुचलकर मार दिया जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उस समय गायों की चीखें और रंभाने की आवाजें सुनकर रूह कांप उठती है।
ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला परिसर और आसपास आज भी कंकाल, शव और कुछ जिंदा लेकिन बेहद कमजोर गायें पड़ी मिल सकती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी से तत्काल जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। पीड़ित ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि यदि तुरंत किसी अधिकारी को मौके पर भेजा जाए तो पूरी सच्चाई स्वयं सामने आ जाएगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि सरकारी संरक्षण में चल रही गौशाला में यह कथित क्रूरता कैसे और किसकी शह पर हो रही है?
जिला प्रशासन की कार्रवाई पर पूरे जनपद की निगाहें टिकी हैं।
