रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती के कार्यक्रम पूरे देश में चलाए जा रहें हैं। उनकी जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी देश वासियों को यह संदेश देना चाह रही हैं कि जो अखंड भारत आज देखने को मिल रहा है उसमें सबसे बड़ा योगदान सरदार वल्लभ भाई पटेल जी का ही हैं। 562 रियासतों को मिलाकर एकता के सूत्र में बांधने वाले स्वतंत्र भारत के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल जी ही तो थे। उनकी 150 वीं जयंती भारतीय जनता पार्टी बड़े स्तर पर पूरे देश में मना रही हैं।
उत्तर प्रदेश में तो प्रत्येक विधानसभा में ये कार्यक्रम चल रहे हैं। उत्तर प्रदेश की विधानसभा नंबर 11 मुजफ्फरनगर की बुढ़ाना विधानसभा हैं,जिसके पूर्व विधायक उमेश मलिक ने आज लगभग 11 हजार लोगों की यूनिटी पैदल यात्रा शाहपुर कस्बे से बुढ़ाना में गेस्ट हाउस तक निकाली, इस यूनिटी मार्च में भारी संख्या में महिलाएं पुरुष, युवाओं और बच्चों ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया, यात्रा सभी लोग हाथों अपनी आन बान और शान का प्रतीक राष्ट्र ध्वज तिरंगा लेकर नाचते गाते आगे बढ़ते चले,यात्रा में उत्तर प्रदेश की पहचान बन गया बुलडोजर भी बड़ी शान से इतराता हुआ चल रहा था जिसमें उत्साहित युवा फूल बरसाते हुए जयकारे लगा रहे थे। पूरे रास्ते में सड़क के किनारे स्कूली छात्र छात्राएं यात्रा में चल रहें लोगों पर फूल बरसा रहे थे। यात्रा में विशेष आकर्षण के केंद्र ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर तीन टोली भक्ति गीतों पर नृत्य करती हुई थी।
देश को एकता सूत्र में बांधने वाले इस महान सपूत की 150 वीं वर्षगांठ पर बुढ़ाना विधानसभा के हजारों नर नारियों की इस भीड़ में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद के प्रभारी मंत्री सोमेंद्र तोमर,मंत्री जसवंत सैनी,पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, जिला अध्यक्ष डॉ सुधीर सैनी,शाहपुर के पूर्व चैयरमैन प्रमेश सैनी क्षेत्र सभी जिला पंचायत सदस्य,दर्जनों गांव के ग्राम प्रधान और प्रमुख लोगो ने यात्रा के नायक पूर्व विधायक उमेश मलिक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर एकता यात्रा में शामिल रहें।
इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी बुढ़ाना विधानसभा के पूर्व विधायक उमेश मलिक ने बताया कि लौह पुरुष की जयंती और देश के लिए उनके योगदान को गांव गांव तक इस तरह के कार्यक्रमों के द्वारा पहुंचाया जा रहा है उन्होंने कहा कि अगर देश का पहला प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल जी को बनाया गया होता तो कश्मीर जैसी समस्या कभी नहीं होती।
यात्रा की शुरुआत शाहपुर कस्बे के मुख्य चौक से प्रातःकाल हुई जहाँ पर लोगों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गान गाया। मार्ग पर विशेष सुरक्षा व यातायात प्रबंध के तहत स्थानीय पुलिस तैनात रहीं। चिकित्सा आपातकालीन सहायता के लिए एंबुलेंस और चिकित्सा शिविर लगाए गए थे ताकि किसी भी अप्रिय घटना का शीघ्र समाधान किया जा सके।
स्थानीय समाज सेवक एवं सर्विस क्लस्टर की भी बड़ी भूमिका रही — उन्होंने पानी और नाश्ते की व्यवस्था कराई ताकि बच्चों व बुजुर्गों को परेशानी न हो। यात्रा मार्ग पर लगे कटौती चिन्हों और बैनरों पर सरदार पटेल के जीवन और उनके योगदान के छोटे-छोटे तथ्यों को भी प्रदर्शित किया गया था, जिससे राहगीरों और भाग लेने वालों को जानकारी भी मिलती रही।
यात्रा के दौरान कई स्थानों पर छोटे-छोटे भाषण और स्मारकीय गीत भी आयोजित किए गए, जिनमें बोलने वालों ने एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकात्मता के महत्व पर प्रकाश डाला। शाम के समय गेस्ट हाउस पर संपन्न कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और स्थानीय कलाकारों के द्वारा देशभक्ति गीतों का मंचन भी हुआ, जिससे कार्यक्रम और भी भावुक तथा प्रेरणादायक बन गया।
पूर्व विधायक उमेश मलिक ने पुनरावृत्ति करते हुए सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया और कहा कि ऐसे आयोजनों से गांवों तक राष्ट्रभक्ति का संदेश पहुँचता है तथा युवा पीढ़ी में देश के प्रति जिम्मेदार भावना पैदा होती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन समय—समय पर कराए जाएंगे ताकि सरदार पटेल के आदर्शों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।
