रिपोर्ट -एकरार खान


गाजीपुर। देवकली ब्लॉक के ग्राम सभा पिपरही में मनरेगा योजना के तहत हो रहे कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक एवं सचिव की मिलीभगत से मजदूरों के हक पर डाका डाला जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत गांव में 100 दिन के रोजगार की व्यवस्था की गई है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। मनरेगा पोर्टल पर 62 मजदूरों की हाजिरी चढ़ाई जा रही है, जबकि मौके पर जाकर देखने पर मात्र 3 मजदूर ही काम करते हुए पाए गए।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान और रोजगार सेवक फर्जी हाजिरी लगाकर मजदूरों के नाम पर धन निकाल रहे हैं। इससे न केवल मजदूरों का रोजगार छिन रहा है बल्कि शासन की मंशा को भी ठेस पहुंच रही है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जल्द उच्चाधिकारियों से करने की बात कही है।
वहीं जब इस संबंध में ग्राम सचिव और रोजगार सेवक से बात करने की कोशिश की गई तो दोनों का फोन रिसीव नहीं हुआ, जिससे संदेह और गहरा गया है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
