रामपुर से शारिक खान की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में एक होटल पर गंभीर लापरवाही और गंदगी फैलाने के आरोप सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। शहर के दरीबा क्षेत्र स्थित “नवाब फूडपान” होटल पर ग्राहकों को गंदा और अस्वच्छ खाना परोसने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों और ग्राहकों का कहना है कि होटल में साफ-सफाई के नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है।मामले ने तब तूल पकड़ा जब कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इन तस्वीरों में कथित तौर पर होटल के टॉयलेट के अंदर बर्तन धोए जाते दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि उन्हीं बर्तनों में बाद में ग्राहकों को खाना परोसा जा रहा था। इस खुलासे के बाद स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है और लोग होटल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।टॉयलेट में बर्तन धोने का आरोपस्थानीय लोगों के अनुसार होटल में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है। वायरल तस्वीरों में होटल के शौचालय के पास गंदे पानी में बर्तन साफ किए जाते दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि यह आरोप सही हैं तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि लोगों की जिंदगी के साथ सीधा खिलवाड़ है।शहरवासियों ने आरोप लगाया कि होटल में खाने की गुणवत्ता भी बेहद खराब है और महंगे दाम वसूलने के बावजूद ग्राहकों को अस्वच्छ भोजन परोसा जा रहा है। कई लोगों ने यह भी दावा किया कि होटल का खाना खाने के बाद लोगों की तबीयत खराब हुई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।बीमारी फैलने का बढ़ा खतराविशेषज्ञों के मुताबिक गंदे बर्तनों और अस्वच्छ वातावरण में तैयार भोजन से फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त, टाइफाइड और अन्य गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं। खासकर यदि बर्तनों की सफाई टॉयलेट जैसी जगह पर की जा रही हो तो संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि होटल की इस लापरवाही से पूरे इलाके में बीमारी फैल सकती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि होटल की तत्काल जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो होटल को सील कर संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।खाद्य विभाग की कार्यशैली पर उठे सवालमामले के सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। लोगों का कहना है कि शहर में कई होटल और रेस्टोरेंट बिना मानकों के संचालित हो रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी नियमित जांच नहीं करते।स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि यदि समय-समय पर खाद्य विभाग द्वारा निरीक्षण किया जाता तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। लोगों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण होटल संचालकों के हौसले बुलंद हैं और वे नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।कार्रवाई की मांग तेजमामले को लेकर फूड प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार शर्मा से होटल पर कार्रवाई की मांग की जा रही है। स्थानीय व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि होटल की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।लोगों का कहना है कि केवल जुर्माना लगाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि होटल के लाइसेंस की भी जांच होनी चाहिए। यदि होटल में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो लाइसेंस निरस्त कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामलाहोटल की कथित गंदगी से जुड़ी तस्वीरें सोशल media पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग प्रशासन से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर इतने बड़े स्तर पर लापरवाही होने के बावजूद अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। कई लोगों ने इस मामले को जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है।सोशल मीडिया पर लोग होटल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कुछ लोगों ने कहा कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर रोक नहीं लगी तो शहर में स्वास्थ्य संबंधी बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।प्रशासन से लोगों की अपीलशहरवासियों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि होटल और रेस्टोरेंट्स में नियमित निरीक्षण कराया जाए ताकि लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन मिल सके। लोगों का कहना है कि खाने-पीने की चीजों में लापरवाही सीधे लोगों की जान से जुड़ा मामला है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि पूरे शहर में अभियान चलाकर होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट्स की जांच की जाए। साथ ही खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।जांच के बाद ही साफ होगी स्थितिहालांकि होटल प्रबंधन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोप कितने सही हैं। लेकिन वायरल तस्वीरों और स्थानीय लोगों के आरोपों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।अब देखने वाली बात होगी कि खाद्य विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या होटल के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई होती है या नहीं। फिलहाल इस घटना ने शहर के लोगों को खाने-पीने की जगहों की स्वच्छता को लेकर चिंतित जरूर कर दिया है।
