गाजीपुर | रिपोर्ट – एकरार खान
मां केवल एक शब्द नहीं बल्कि प्रेम, त्याग, ममता और समर्पण का सबसे सुंदर रूप होती है। मां का स्नेह बच्चे के जीवन की पहली पाठशाला माना जाता है, जहां से संस्कार, अनुशासन और जीवन मूल्यों की शुरुआत होती है। इसी भावनात्मक रिश्ते को सम्मान और प्यार देने के उद्देश्य से गाजीपुर के प्रियंका मेमोरियल इंटरनेशनल स्कूल में मातृ दिवस बड़े ही हर्षोल्लास, उत्साह और भावनात्मक माहौल के बीच मनाया गया। विद्यालय परिसर बच्चों की मुस्कान, रंग-बिरंगी गतिविधियों और भावनाओं से पूरी तरह सराबोर नजर आया।कार्यक्रम के दौरान स्कूल का वातावरण बेहद आकर्षक और उत्साहपूर्ण दिखाई दिया। नन्हें विद्यार्थियों ने अपनी माताओं के प्रति प्रेम और आभार व्यक्त करने के लिए कई मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों द्वारा बनाए गए सुंदर कार्ड, रंग-बिरंगी क्राफ्ट गतिविधियाँ, भावपूर्ण कविताएँ, प्रेरणादायक भाषण और मधुर गीतों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। बच्चों की मासूमियत और उनकी भावनात्मक अभिव्यक्तियों ने उपस्थित सभी लोगों का दिल जीत लिया।बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समांमातृ दिवस समारोह में छात्रों ने अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से मां के प्रति अपने प्रेम को व्यक्त किया। किसी बच्चे ने अपनी मां के लिए हाथों से खूबसूरत कार्ड बनाया तो किसी ने कविता के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। कई बच्चों ने मंच पर आकर मां के महत्व पर भाषण दिए और बताया कि मां उनके जीवन में कितनी खास हैं।विद्यालय के छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। बच्चों की निश्छल भावनाओं और सच्चे प्रेम ने माहौल को पूरी तरह भावनात्मक बना दिया। कार्यक्रम के दौरान कई माताओं की आंखें भी नम नजर आईं।मां-बच्चे के रिश्ते को मजबूत बनाने का प्रयासविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन में माता-पिता के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता की भावना विकसित करना था। साथ ही मां और बच्चे के बीच के अटूट भावनात्मक रिश्ते को और मजबूत बनाना भी इस आयोजन का महत्वपूर्ण उद्देश्य रहा।कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपनी माताओं के लिए दिल से निकले शब्द साझा किए। कुछ बच्चों ने बताया कि उनकी मां हर परिस्थिति में उनका साथ देती हैं और उनकी खुशियों के लिए हर त्याग करती हैं। इन भावनात्मक पलों ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।विद्यालय निदेशक ने मां के महत्व पर रखे विचारविद्यालय के निदेशक कृष्ण दत्त द्विवेदी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि मां बच्चे के जीवन की पहली गुरु होती है। उन्होंने कहा कि एक मां ही बच्चे को अच्छे संस्कार देती है और उसके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करती है।उन्होंने कहा,“मां का योगदान शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। मां अपने बच्चों के लिए जीवनभर निस्वार्थ भाव से समर्पित रहती है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों के अंदर अपनी मां और परिवार के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता विकसित करते हैं।”उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों के प्रयासों की भी प्रशंसा की और कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।प्रधानाचार्य ने दी शुभकामनाएंविद्यालय के प्रधानाचार्य अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने कार्यक्रम को सफल और भावनात्मक बताते हुए सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में बच्चों के अंदर नैतिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों को बनाए रखना बेहद जरूरी है।उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का अवसर देते हैं और उनके भीतर संवेदनशीलता विकसित करते हैं। साथ ही इससे बच्चों और अभिभावकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव भी मजबूत होता है।विद्यालय परिसर में दिखा उत्साहपूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर उत्साह और खुशियों से भरा दिखाई दिया। बच्चों ने रंग-बिरंगे परिधानों में कार्यक्रम में हिस्सा लिया और अपनी प्रस्तुतियों से सभी को प्रभावित किया। शिक्षकों ने भी बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कार्यक्रम के अंत में बच्चों को प्रोत्साहित किया गया और उनके प्रयासों की सराहना की गई। स्कूल प्रशासन ने कहा कि भविष्य में भी इसी तरह के सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।भावनात्मक यादों के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रममातृ दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए बेहद खास और यादगार साबित हुआ। कार्यक्रम में प्रेम, सम्मान, संवेदनशीलता और भावनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला।विद्यालय में गूंजती बच्चों की आवाजें, मां के लिए बोले गए प्यारे शब्द और भावनात्मक प्रस्तुतियों ने सभी के दिलों में एक खास जगह बना ली। हर्ष, उत्साह और भावुक पलों से भरपूर यह आयोजन लंबे समय तक लोगों की यादों में बना रहेगा।
🌺 “मां का प्रेम हर बच्चे की सफलता, संस्कार और खुशियों की सबसे मजबूत नींव होता है।” 🌺
