रास्ते की लड़ाई बनी सियासी जंग! खतौली पालिका चेयरमैन और ईओ पर उत्पीड़न के आरोप

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कांग्रेस नेता जमील अंसारी पहुंचे डीएम दरबार, परिवार की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग

रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। खतौली नगर पालिका की दुकानों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब खुलकर सियासी टकराव में बदलता नजर आ रहा है। कांग्रेस नेता जमील अंसारी ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर खतौली नगर पालिका परिषद के चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी पर चुनावी रंजिश के चलते उत्पीड़न कराने, धमकी दिलवाने और दबाव बनाकर कार्रवाई कराने के गंभीर आरोप लगाए।
डीएम को दिए शिकायती पत्र में जमील अंसारी ने कहा कि नगर पालिका बाजार की ऊपरी मंजिल पर बनने वाली 30 दुकानों की नीलामी में उन्होंने 27, 28, 29 और 30 नंबर की दुकानें सबसे ऊंची बोली लगाकर अपने नाम आवंटित कराई थीं। आरोप है कि नीलामी के दौरान जो ब्लूप्रिंट दिखाया गया था, उसमें दुकानों तक पहुंचने के लिए पुल और रास्ता दर्शाया गया था, लेकिन वर्षों बाद भी दुकानों तक पहुंचने का कोई रास्ता उपलब्ध नहीं कराया गया।
जमील अंसारी का कहना है कि कई बार पालिका अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके बाद उन्हें हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने दावा किया कि न्यायालय ने दो माह के भीतर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए थे, लेकिन पालिका प्रशासन ने आदेश को गंभीरता से नहीं लिया।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अदालत जाने के बाद से ही उन्हें लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं और मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चार मई को कुछ लोग उनके घर पहुंचे और परिवार को धमकाया, जबकि अगले दिन बड़ी संख्या में लोग घर पर आ धमके, गेट तोड़ दिया और घर में कूड़ा डाल दिया। इस पूरे घटनाक्रम को उन्होंने चुनावी और राजनीतिक रंजिश से प्रेरित बताया।
जमील अंसारी ने यह भी आरोप लगाया कि पूरे विवाद में पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उनका ही 151 में चालान कर दिया, जबकि उपद्रव और हंगामा करने वालों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

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