रिपोर्ट – एकरार खान

गाजीपुर। करंडा ब्लॉक प्रमुख चुनाव अभी भले औपचारिक रूप से दूर हो, लेकिन सियासी अखाड़ा पूरी तरह सज चुका है। गलियों से लेकर चौपाल तक बस एक ही चर्चा—“इस बार करंडा का किंग कौन?”
सबसे ज्यादा सुर्खियों में हैं सुंदरम सिंह उर्फ़ धन जी। गोसन्देपुर से ताल्लुक रखने वाले धन जी इन दिनों पूरे क्षेत्र में “हवा” बनाने में जुटे हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट में भोजपुरी अंदाज़ में दिए गए उनके बयान ने सियासत में हलचल मचा दी। बिना नाम लिए विरोधियों पर ऐसा तंज कसा कि लोग समझ भी गए और चर्चा भी तेज हो गई।
“करंडा का माहौल हमार बा…” जैसे डायलॉग अब गांव-गांव में गूंज रहे हैं। लेकिन सवाल वही—क्या ये हवा वोट में बदलेगी?
उधर, सियासत के पुराने खिलाड़ी आशुतोष सिंह आशु भी खामोशी से अपनी चाल चल रहे हैं। मैदान में सीधे दिखें या पर्दे के पीछे, उनकी मौजूदगी चुनाव को और भी दिलचस्प बना रही है।
और अब एंट्री हुई है रवि यादव की—जो देवकली ब्लॉक के लोनेपुर ग्राम सभा से आते हैं, लेकिन दांव खेल रहे हैं करंडा में! ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के रूप में पहचान रखने वाले रवि यादव का “बाहरी एंगल” इस चुनाव में नया ट्विस्ट दे रहा है।
लोगों के बीच चर्चा—“देवकली वाला करंडा में कितना टिकेगा?”
कुल मिलाकर करंडा की राजनीति में इस बार सीधी टक्कर नहीं, बल्कि तिकोना संग्राम बनता दिख रहा है।
दावे बड़े-बड़े, रणनीति गुपचुप, और जनता पूरी तरह चुप…
अब देखना ये है कि करंडा की जनता किसे अपना ‘सरताज’ बनाती है—हवा वाले धन जी, चालाक खिलाड़ी आशु, या बाहरी दांव खेलने वाले रवि यादव?
चुनाव अभी बाकी है… लेकिन सियासी तापमान अभी से 100 डिग्री पार!

