रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन की मासिक समीक्षा बैठक सोमवार को महावीर चौक स्थित जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष चौधरी नवीन राठी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में भोपा थाना क्षेत्र के एक प्रकरण को लेकर पुलिस कार्रवाई पर तीखी नाराजगी जताई गई। संगठन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ संगठनों के साथ मिलकर एक किसान को गलत तरीके से फंसाकर जेल भेजा गया और मामले को हिंदू-मुस्लिम रंग देने का प्रयास किया गया।
बैठक में इस मुद्दे पर लंबा मंथन हुआ। वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा कि किसान इस समय गेहूं कटाई और गन्ना बुआई में व्यस्त हैं, इसलिए फिलहाल प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है। यदि न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं हुई तो किसान हित में बड़ा निर्णय लिया जाएगा और आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
बैठक में जून माह में प्रस्तावित किसान चिंतन महाशिविर हरिद्वार की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा बिजली विभाग की कार्यप्रणाली, किसानों को हो रही परेशानी, राजवाहों में पानी की कमी, यूरिया खाद उपलब्धता और विभागीय भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर भी पदाधिकारियों ने चिंता जताई।
किसान नेताओं ने कहा कि लगातार उपेक्षा से किसानों में रोष बढ़ रहा है। समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सड़कों पर उतरकर संघर्ष किया जाएगा।
बैठक में राष्ट्रीय महासचिव चौधरी ओमपाल मलिक, प्रदेश उपाध्यक्ष धीरज लाठियान, पश्चिम प्रदेश प्रभारी विकास शर्मा, श्यामलाल चेयरमैन, बलराम सिंह, गुलशन चौधरी, अनुज बालियान, संजीव पंवार, अनुज राठी, मोनू प्रधान, सुमित पचेंडा, गुलबहार राव, रमेश मलिक, संजय त्यागी, मुन्तजिर पहलवान, शक्ति सिंह, हैप्पी बलियान, हरिओम त्यागी, मान सिंह प्रधान सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। संचालन जिला मीडिया प्रभारी हेमेंद्र कुमार ने किया।

