रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। कोतवाली नगर क्षेत्र के गांव पिन्ना में हुई सनसनीखेज डकैती की घटना का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा कर दिया है। पुलिस मुठभेड़ के बाद सात शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया, जिनके कब्जे से अवैध हथियार, कारतूस, वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट कार, फर्जी नंबर प्लेट और लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। इस खुलासे के साथ ही पुलिस ने डकैती की पूरी साजिश का भी पर्दाफाश कर दिया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया।
प्रभारी निरीक्षक बबलू सिंह वर्मा व उ0नि0 मिलन चौधरी के नेतृत्व में कोतवाली नगर पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 11 अप्रैल को चरथावल रोड स्थित लकड़संधा रेलवे पुल के नीचे मुठभेड़ के बाद तीन बदमाशों को दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर उनके चार अन्य साथियों को भी काली नदी के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में सामने आया कि यह कोई साधारण चोरी नहीं बल्कि सुनियोजित डकैती थी, जिसकी साजिश रिश्तों की आड़ में रची गई थी। मुख्य साजिशकर्ता अनुज ने अपने ही साले रवि के घर में गड़े जेवरात की जानकारी साथियों को दी और सभी ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। 4 अप्रैल की रात बदमाश स्विफ्ट कार से गांव पिन्ना पहुंचे, जहां उन्होंने तमंचे के बल पर परिवार को बंधक बनाकर जमीन में गड़े जेवरात लूट लिए।
बदमाशों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी और वारदात के बाद फरार हो गए थे। पुलिस लगातार सुराग जुटा रही थी और आखिरकार मुठभेड़ के बाद गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में अंकित, अर्जुन, आकाश, गौरव, विपिन, अनुज और दीपक शामिल हैं, जो बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर क्षेत्रों के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से एक तमंचा 315 बोर, जिंदा व खोखा कारतूस, स्विफ्ट कार और भारी मात्रा में लूटे गए आभूषण बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है। इस कार्रवाई को जिले में अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

