रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और वरिष्ठ नेता Pawan Khera पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर मुजफ्फरनगर में सियासी घमासान तेज हो गया है। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा और कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
मुज़फ्फरनगर, मे विरोध प्रदर्शन के बीच जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सत्यपाल कटारिया ने तीखे तेवर दिखाते हुए साफ कहा कि “कांग्रेस अपने नेताओं के सम्मान पर कोई समझौता नहीं करेगी। देश के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ इस तरह की अभद्र भाषा लोकतंत्र का अपमान है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क से लेकर सदन तक बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे।”

कचहरी रोड स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन तेजी से उग्र होता नजर आया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि असम के मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर की गई टिप्पणी न केवल अशोभनीय है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक मर्यादाओं का भी खुला उल्लंघन है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह की भाषा राजनीतिक संवाद के स्तर को गिरा रही है और देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को आघात पहुंचा रही है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस दौरान अकील राणा मनोज चौधरी नौशाद अल्पी, ब्रजेश कुमार, कमल कुमार, साकिब अंसारी, बिलकिस चौधरी नरेश भारती अनिल चौधरी कमल मित्तल मुर्तजा सलमानी राजीव राजीव राठी अफसाना अंसारी बृजेश कुमार समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि पार्टी अपने नेताओं के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।

