रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। किसान-मजदूर आंदोलन से जुड़े संगठनों के बीच शुक्रवार को उस समय खास हलचल देखने को मिली, जब एक युवा चेहरे काशिफ को सम्मानित कर नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने का बड़ा संदेश दिया गया। काशिफ की हाल ही में द्रौपदी मुर्मू से हुई मुलाकात को संगठन ने अपनी बढ़ती साख और पहुंच का प्रतीक बताया, जिससे कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई।
पश्चिमी प्रदेश मुख्यालय में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम ने काशिफ को सम्मान पत्र, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि काशिफ का राष्ट्रपति भवन तक पहुंचना यह दर्शाता है कि आम कार्यकर्ताओं की आवाज अब देश के सर्वोच्च मंच तक पहुंच रही है। उन्होंने इसे विचारधारा और संघर्ष की बड़ी जीत करार दिया।
वहीं, पश्चिमी प्रदेश अध्यक्ष एवं अल्पसंख्यक विभाग के प्रभारी चौधरी जफरयाब अली ने कहा कि यह सम्मान केवल एक बेटे की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे संगठन और क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में युवाओं को ऐसे अवसर मिलना जरूरी है, जिससे वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें और आगे बढ़कर नेतृत्व करें।
समारोह में जुटे किसान नेताओं, मजदूर प्रतिनिधियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने भी काशिफ की उपलब्धि को सराहा। मंच से कृषि नीतियों, मजदूरों के अधिकारों और अल्पसंख्यक समाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए भविष्य की रणनीतियों पर भी मंथन किया गया।
पदाधिकारियों का मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन लगातार अपने जनाधार को मजबूत कर रहा है। काशिफ की राष्ट्रपति से मुलाकात को उसी कड़ी में एक अहम उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जिसने कार्यकर्ताओं के मनोबल को और ऊंचा किया है।
इस सम्मान समारोह के जरिए यह साफ संकेत दिया गया कि आने वाले समय में युवा नेतृत्व को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आंदोलन को नई दिशा और नई ऊर्जा मिल सके।

