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हर बच्चा स्कूल पहुंचे, यही संकल्प: ‘स्कूल चलो अभियान’ का भव्य आगाज़, जनप्रतिनिधियों ने दिखाई सख्ती

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रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जनपद में शैक्षिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ ही ‘स्कूल चलो अभियान’ का जोरदार शुभारम्भ हुआ, जिसमें साफ संदेश दिया गया कि अब कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। जानसठ रोड स्थित लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित भव्य कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने एक सुर में शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम का सीधा प्रसारण वाराणसी से हो रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के साथ एलईडी स्क्रीन पर दिखाया गया, जिसे बड़ी संख्या में मौजूद छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों ने देखा। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और वंदना के साथ हुई, जिससे पूरा माहौल शिक्षा के प्रति श्रद्धा और उत्साह से भर गया।
इस मौके पर राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल और कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि यदि कोई भी संस्था या व्यक्ति शिक्षा के नाम पर अभिभावकों का शोषण करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों को जूते, मोजे, यूनिफॉर्म, बैग, किताबें और स्वच्छ पेयजल जैसी सभी सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि शिक्षा का वातावरण बेहतर बन सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के परिषदीय विद्यालय अब बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित हो चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों का ड्रॉपआउट किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर बच्चे को स्कूल तक लाना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि डीबीटी के माध्यम से मिलने वाली धनराशि का उपयोग बच्चों की यूनिफॉर्म और पढ़ाई पर ही करें।
जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल ने भी मंच से सख्त संदेश देते हुए कहा कि अगर किसी बच्चे के पास जूते या यूनिफॉर्म नहीं है, तो संबंधित स्कूल प्रशासन तुरंत उसकी व्यवस्था करे। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि हर गली-मोहल्ले में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा अशिक्षित न रहे।
कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने अभियान की रूपरेखा बताते हुए कहा कि इस बार लक्ष्य सिर्फ नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि 100 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने शिक्षकों और अधिकारियों से अपील की कि वे घर-घर जाकर स्कूल से बाहर बच्चों को चिन्हित करें और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ें।
कार्यक्रम के अंत में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने संयुक्त रूप से ‘स्कूल चलो अभियान’ के प्रचार-प्रसार के लिए एलईडी वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही पूरे जनपद में शिक्षा के इस महाअभियान को गति देने का संदेश दिया गया।
‘स्कूल चलो अभियान’ के इस आगाज़ ने साफ कर दिया है कि अब प्रशासन और जनप्रतिनिधि शिक्षा को लेकर पूरी तरह सख्त हैं और लक्ष्य एक ही है—जनपद का कोई भी बच्चा स्कूल से दूर न रहे।

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