रिपोर्ट – हरीश

हमीरपुर। बैंक में रुपया निकालने के लिए गए वृद्ध की बैंककर्मियों द्वारा केवाईसी कराए जाने की बात कहने पर अचानक हार्ट अटैक आ जाने से मौत हो गई। वृद्ध की मौत पर परिवारीजनों में कोहराम मच गया है। मृत हालत में परिजन उसको घर ले गए हैं।
बिवांर थाना क्षेत्र के निवादा गांव का 65 वर्षीय वृद्ध श्याम सुंदर पुत्र रामचरण कुशवाहा अपने नाती अंकित पुत्र आनंद के साथ गांव से ई-रिक्शा में बैठकर दोपहर को बिवांर के इंडियन बैंक में अपने खाता से 8 हजार रुपये निकालने के लिए आया था। वह ई-रिक्शा में बैंक के दरवाजे में बैठा रहा तथा उसका नाती बैंक के अंदर जाकर बाबा के खाते से रूपयों के निकाले जाने की बात को कहने लगा। बैंक कर्मियों ने बाबा को केवाईसी कराए जाने की बात कही। जिसमें प्रार्थना पत्र के साथ फॉर्म को भरे जाने की सलाह देते हुए कर्मियों ने रूपय निकालने से इनकार कर दिया। वृद्ध ने एक सप्ताह पहले अपने खाता से 5 हजार रुपये निकाले भी थे। उस समय कर्मियों ने केवाईसी के बारे में न बताकर रुपये निकाल दिए थे। नाती ने जब बैंक से वापस आकर गेट के पास खड़े ईरिक्शा में बैठे बाबा को केवाईसी के कराने के बाद ही रूपये निकलने की जानकारी दी। तभी नाती की बात को सुनते ही वृद्ध को सदमा लगा और हार्ट अटैक हो जाने पर रिक्शा में ही मौत हो गई। नाती उसको वापस घर ले गया। जहां उसके परिजनों में कोहराम मच गया। नाती अंकित ने आरोप लगाते हुए बताया कि बैंक कर्मियों के रुपया न निकाले जाने से बाबा की सदमे से मौत हुई है। बैंक मैनेजर राममिलन राजपूत ने बताया कि खाता धारक पहले हस्ताक्षर कर खाता से रुपया निकालता था। परंतु उसके नाती ने बताया कि बाबा अंगूठा लगाकर पैसा निकालेंगे जिस पर उसे बताया गया कि एक फॉर्म भरकर केवाईसी कराकर अंगूठा एक्टिवेट कर खाता से पैसा निकलेगा। बताया कि वृद्ध की मौत कैसे कब कहां हुई इसकी कोई जानकारी नहीं है।

