रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। एक बयान ने धार्मिक और सामाजिक संगठनों के बीच तीखी बयानबाजी का माहौल पैदा कर दिया है। स्वामी अविमुक्तेश्वर नंद द्वारा एक इंटरव्यू में डॉ. इंद्रेश कुमार पर ‘10 लाख हिंदू बेटियों की मुस्लिम युवकों से शादी कराने’ का आरोप लगाए जाने के बाद विवाद गहराता जा रहा है।
शनिवार को हिंदुस्तानी पसमांदा मंच के राष्ट्रीय पदाधिकारी मुजफ्फरनगर के मीडिया सेंटर पहुंचे और प्रेस वार्ता कर इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह भ्रामक और समाज को बांटने वाला बताया।
प्रेस वार्ता में मंच के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद शमशाद मीर और राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजवान अंसारी ने कहा कि राष्ट्रीय मुस्लिम मंच से देशभर में लाखों महिलाएं जुड़ी हुई हैं, लेकिन इस तरह का कोई भी मामला आज तक सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप बिना किसी प्रमाण के लगाए गए हैं, जो समाज में गलत संदेश देने का काम करते हैं।
रिजवान अंसारी ने कहा कि डॉ. इंद्रेश कुमार की पहचान हमेशा हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की रही है। ऐसे में उनके खिलाफ इस तरह के आरोप लगाना उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है। उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वर नंद से तत्काल बयान वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
वहीं, मोहम्मद शमशाद मीर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि स्वामी अविमुक्तेश्वर नंद महाराज माफी नहीं मांगते हैं तो देशभर में हिंदुस्तानी पसमांदा मंच विरोध प्रदर्शन करेगा और उनका पुतला फूंका जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्वामी जी किसी राजनीतिक प्रभाव में आकर इस तरह के बयान दे रहे हैं और अपने मूल कर्तव्यों से भटक गए हैं।
मंच के पदाधिकारियों ने मीडिया से अपील की कि इस संवेदनशील मुद्दे को जिम्मेदारी के साथ उठाया जाए, ताकि समाज में शांति और सौहार्द बना रहे। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक मंचों से दिए गए बयान किस तरह सामाजिक माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।

