रिपोर्ट – सन्दीप वर्मा

बाराबंकी। शासन द्वारा जनपद में विभिन्न कम्पनियों के उर्वरक गोदामों एवं फुटकर उर्वरक बिक्री केन्द्रों पर आई0एफ0एम0एस0 पोर्टल/पी0ओ0एस0 मशीन में उपलब्ध उर्वरकों का भौतिक रूप से सत्यापन हेतु प्राप्त निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा जनपद स्तर, ब्लाक स्तर एवं न्याय पंचायत स्तर पर जांच हेतु कमेटी का गठन करते हुए शत प्रतिशत गोदामों/बिक्री केन्द्रों पर भौतिक रूप से सत्यापन किये जाने के सम्बन्ध में आदेश निर्गत किया गया है।
उपरोक्त निर्देश के क्रम में जिला कृषि अधिकारी, बाराबंकी द्वारा जनपद के थोक उर्वरक विक्रेता मेसर्स कृष्णा खाद भण्डार, महादेव प्रसाद एण्ड सन्स/श्याम एजेन्सी, माता प्रसाद भूरामल, गुप्ता फर्टिलाइजर्स, गुप्ता ब्रदर्स, संजू एजेन्सी, राधेश्याम पवन कुमार, अग्रवाल इण्टरप्राइजेज के उर्वरक गोदामों का निरीक्षण कर उर्वरक का सत्यापन किया गया, सत्यापन के दौरान मेसर्स गुप्ता ब्रदर्स, महादेव प्रसाद एण्ड सन्स एवं मेसर्स माता प्रसाद भूरामल एण्ड सन्स द्वारा मौके पर स्टाक रजिस्टर प्रस्तुत न किये जाने के सम्बन्ध में नोटिस निर्गत किया गया। साथ ही जिन थोक उर्वरक विक्रेताओं के गोदाम में गैर अनुदानित स्टाक उपलब्ध पाया गया, उन्हें सख्त निर्देश दिया गया कि किसी भी अनुदानित उर्वरक के साथ गैर अनुदानित स्टाक की आपूर्ति/बिक्री कदापि न किया जाए, ऐसा पाये जाने पर सम्बन्धित विक्रेता के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

देशराज, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए कार्यालय जिला कृषि अधिकारी, बाराबंकी द्वारा तहसील रामनगर के 05 फुटकर एवं 01 थोक उर्वरक गोदाम का निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के दौरान किसान खाद भण्डार बिन्दौरा की पी0ओ0एस0 मशीन खराब पाये जाने पर विक्रेता को तत्काल पी0ओ0एस0 मशीन सही कराकर उर्वरक बिक्री हेतु कड़े निर्देश दिये गये। निरीक्षण के दौरान विकास खाद भण्डार-रानीबाजार एवं मोहन खाद भण्डार ददौरा का प्रतिष्ठान बन्द पाये जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
कृषि/सहकारिता विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों/अधिकारियों के माध्यम से कृषि एवं सहकारिता क्षेत्र के उर्वरक बिक्री केन्द्रों का निरीक्षण/उर्वरकों का सत्यापन कराया जा रहा है, सत्यापन/जांच के दौरान पी0ओ0एस0 मशीन और भौतिक स्टाक (गोदाम में पी0ओ0एस0 के अनुसार उर्वरक) में भिन्नता पाये जाने पर सम्बन्धित विक्रेता के विरूद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्राविधानों के तहत कार्यवाही के साथ साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकद्मा दर्ज कराया जायेगा।

