रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ़्फ़रनगर। जनपद की साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज संचालित करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय वीओआईपी कॉल को लोकल वॉइस कॉल में बदलकर भारत सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचा रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
थाना साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक सुल्तान सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम को संचार मंत्रालय, भारत सरकार से सूचना मिली थी कि खतौली क्षेत्र के ग्राम शेखपुरा में अवैध सिम बॉक्स आधारित टेलीफोन एक्सचेंज संचालित किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और सटीक लोकेशन ट्रेस कर दबिश दी। मौके से वसीम और वकील नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अंतरराष्ट्रीय कॉल को इंटरनेट के माध्यम से लोकल कॉल में बदलते थे, जिससे टेलीकॉम कंपनियों और सरकार को बड़े स्तर पर राजस्व का नुकसान हो रहा था। इतना ही नहीं, इस अवैध नेटवर्क का इस्तेमाल साइबर अपराधों को अंजाम देने में भी किया जा रहा था, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई थी।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 36 सिम कार्ड, 10 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 2 एटीएम कार्ड और 2 नोकिया रिमोट रेडियो यूनिट (RRU) समेत भारी मात्रा में उपकरण बरामद किए गए हैं। ये सभी उपकरण फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज चलाने में इस्तेमाल किए जा रहे थे।
पूछताछ में मुख्य आरोपी वसीम ने बताया कि वह स्क्रैप का काम करता है और उसके साले वासित ने उसे इस धंधे में उतारा था। वसीम को बताया गया था कि इसमें ज्यादा मेहनत नहीं होती और फर्जी सिम लगाकर सिस्टम अपने आप चलता रहता है। लालच में आकर उसने अपने घर में ही पूरा सेटअप लगा लिया। वहीं सहआरोपी वकील ने कबूल किया कि वह पिछले दो साल से इस अवैध कारोबार में सक्रिय है और अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस नेटवर्क को चला रहा था।
पुलिस के मुताबिक गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दी जा रही है और इस नेटवर्क से जुड़े बड़े खुलासे होने की संभावना है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

