रिपोर्ट – मो0 नसीम

बाराबंकी। एस डी एम हैदरगढ़ की अध्यक्षता में आज शनिवार को तहसील मुख्यालय सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस समाधान दिवस में सुबेहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत इस्माइलपुर गांव से पहुंची एक दिव्यांग व अनुसूचित जाति की महिला मिथिलेश कुमारी पत्नी शिवकुमार ने समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि रविवार 22 मार्च की शाम करीब 6 बजे गांव स्थित तालाब के पास अपने गांव के रहने वाले खलील की 10 वर्षीय बेटी के साथ बकरी चरा रही थी कि इसी बीच गांव की रहने वाली विपक्षी शिवमती विश्वकर्मा पत्नी पंकज विश्वकर्मा आई पेड़ चराने की बात कहकर खलील की बेटी को थप्पड़ों से मारने लगी बचाव के लिए जब दिव्यांग महिला आई तो शिवमती ने भद्दी भद्दी गालियां दी और थप्पड़ों से मारा पीटा शोरगुल सुनकर आसपास के लोग दौड़े तो आरोपी महिला फरार हो गई। घटना के बाद पीड़िता दिव्यांग महिला थाने पहुंची और पुलिस को तहरीर दी। पीड़िता मिथिलेश ने बताया पुलिस ने महिला से तहरीर ले ली और घंटों तक थाने पर बैठाया रखा इसके बाद कहा कि सुबह आओ तो तुम्हारी डॉक्टरी कराई जाएगी। आज सोमवार की सुबह थाने पहुंची तो उसको डाट कर भगा दिया। पुलिस ने मेरी न रिपोर्ट लिखी और न ही मेडिकल परीक्षण कराया गया। दिव्यांग महिला की थाने पर कोई सुनवाई नहीं हुई तो इसके बाद तहसील समाधान दिवस में जाकर शिकायत दर्ज कराई। इसी दौरान गांव निवासनी सफरीन बानो ने भी तहसील समाधान दिवस में उक्त गांव निवासनी विपक्षी शिवमती के खिलाफ शिकायत की ।सफरीन ने बताया कि रात में वह अपने घर पर लेटी हुई थी कि तभी यही महिला विपक्षी शिवमती रास्ते से गुजरी पत्थर मार कर भाग गई। गनीमत रही कि यह पत्थर नहीं लगा दूसरे दिन वह अपने मां के साथ बकरी चरा रही थी तभी वह फिर दोबारा आ धमकी फिर गाली गलौज किया जब इसका वीडियो बनाने लगी तो उसने डंडा मार कर उसका मोबाइल फोड़ दिया। घटना की शिकायत लेकर जब थाने पहुंची तो पुलिस ने उल्टा मुझे ही फटकार लगाई और कहा कि वह पागल है और कोई कार्यवाही नहीं की ।सफरीन का आरोप है कि पुलिस के बीच उसका उठना बैठना है पुलिस उसको थाने पर बैठाकर चाय पिलाते हैं। एसडीएम ने उक्त दोनों मामलों को गंभीरता से लिया और थाना प्रभारी को कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

