रिपोर्ट रेखा लामा/दार्जिलिंग


सिक्किम में आयोजित एक कार्यक्रम में अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने छठी अनुसूची के मुद्दे का समर्थन किया था। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (सुबासवादी) के संयोजक भानु लामाने दावा किया है कि सांसद ने सार्वजनिक मंच से इस मुद्दे का समर्थन जताया, जो खुशी की बात है।
उन्होंने कहा कि अब दार्जिलिंग, खरसांग, कालिम्पोंग, मिरिक और तराई–डुआर्स की भूमि से भी इस मुद्दे को समर्थन मिलना चाहिए। साथ ही इस मुद्दे को कैसे कार्यान्वित किया जाए, इस पर पहल कर केंद्रीय गृह मंत्रालय स्तर पर चर्चा की जानी चाहिए।
लामाने कहा कि स्वर्गीय सुभाष घीसिंग ने वर्ष 2000 से ही इस मुद्दे को उठाया था। उसी मुद्दे को हमने विशेष रूप से आगे बढ़ाया और नया दल गठित किया। इस मुद्दे को सांसद राजू बिष्ट ने समर्थन दिया है। अब इसे किस प्रकार लागू किया जाए, इस पर सुझाव लेना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सांसद पीपीएस (पर्वतीय परामर्शदात्री समिति) के समर्थक हैं, यह खुशी की बात है। सांसद इस मुद्दे को गंभीरता से उठा सकते हैं। आने वाले विधानसभा चुनाव में पहाड़ की जनता उन्हें विजयी बनाएगी। कुछ चुनावी खर्च जैसे वाहन भाड़ा आदि लगते हैं, लेकिन इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्रालय से वार्ता होनी चाहिए।
उन्होंने जनजातीय मुद्दों पर भी चर्चा किए जाने की बात कही।
