बागपत जनपद में पहली बार साइबर अपराधियों की संपत्ति कुर्क, अदालत का कड़ा संदेश

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रिपोर्ट सुदेश वर्मा

बागपत/
बागपत। जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई सामने आई है। साइबर क्राइम थाना पुलिस की रिपोर्ट पर अदालत ने संज्ञान लेते हुए बड़ौत के साइबर अपराधियों की लग्जरी गाड़ियों को कुर्क करने का आदेश जारी किया है। यह जनपद की पहली कार्रवाई है, जिसमें साइबर अपराध से अर्जित संपत्ति को कुर्क किया गया है। सीजेएम रत्नम श्रीवास्तव की अदालत ने बीएनएसएस की धारा 107 के तहत यह आदेश पारित किया है।अभियोजन अधिकारी अभिराम गौतम और साइबर क्राइम थाना प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी ने बताया कि कुर्क की गई संपत्तियों में एक महिंद्रा थार और एक महिंद्रा स्कार्पियो शामिल हैं। जांच में सामने आया कि ये वाहन साइबर ठगी से अर्जित धन से खरीदे गए थे। महिंद्रा थार आरोपित हर्ष गोयल और स्कार्पियो आरोपित तुषार के नाम पर पंजीकृत है।पुलिस के अनुसार, गायत्रीपुरम कॉलोनी निवासी पूर्व सैनिक विजय कुमार ने 2 जून 2025 को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर उनसे सात लाख रुपये की ठगी की गई। मामले की विवेचना के दौरान गाजियाबाद निवासी अर्जुन को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जब जांच आगे बढ़ी तो बड़ौत के कई युवकों की संलिप्तता सामने आई।
अक्टूबर माह में पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया। इनमें आरिफ और आसिफ निवासी पट्टी चौधरान, हर्ष गोयल, उज्ज्वल गोयल, ललित निवासी आर्य नगर नेहरू रोड बड़ौत, आमिर निवासी बावली रोड निकट ठाकुरद्वारा, तुषार निवासी गांधी रोड राम कॉलोनी और वीशु निवासी ग्राम हिलवाड़ी शामिल हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह का सरगना मोहित जैन निवासी बड़ौत है, जो दुबई से अपने साथियों के साथ नेटवर्क संचालित कर रहा था। गिरोह युवकों से बैंक खाते खुलवाकर उनकी डिटेल्स व्हाट्सएप पर मंगवाता था। इसके बाद डिजिटल अरेस्ट, टेलीग्राम पर टास्क देकर निवेश कराने, ऑनलाइन गेमिंग और बैटिंग ऐप के माध्यम से लोगों से ठगी की जाती थी। दुबई से नई-नई वेबसाइट और कॉलिंग डेटा उपलब्ध कराए जाते थे।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपितों के खिलाफ करीब 1 करोड़ 80 लाख 48 हजार रुपये की ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। कोलकाता के एक कारोबारी से 1.75 लाख रुपये की ठगी के अलावा तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित कई राज्यों के लोगों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी की गई।जांच के दौरान सामने आया कि साइबर अपराधियों ने ठगी के पैसों से महंगे शौक पूरे किए। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 10 आइफोन, एक महिंद्रा थार, एक महिंद्रा स्कार्पियो, 19 एटीएम कार्ड, तीन फर्जी सिम कार्ड, सोने-चांदी की अंगूठियां, लॉकेट और अन्य कीमती सामान बरामद किया था।
थाना प्रभारी का कहना है कि संपत्ति कुर्क करने की यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है। अब ठगी से अर्जित धन और उससे खरीदी गई संपत्तियां सुरक्षित नहीं रहेंगी। अदालत के इस फैसले से साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

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