रैन बसेरे, अलाव एवं कंबल वितरण सहित सभी व्यवस्थाएं सक्रिय
रिपोर्ट – मो0 नसीम

बाराबंकी। वर्तमान में पड़ रही भीषण शीतलहरी, ठंड एवं पाले के दृष्टिगत निराश्रित, असहाय एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के क्रम में जनपद में व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में आज जिलाधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी द्वारा नगर क्षेत्रों में संचालित रैन बसेरों एवं अलाव स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। साथ ही जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद की समस्त तहसीलों के उपजिलाधिकारियों तथा संबंधित नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों द्वारा भी अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत शीतलहरी से बचाव हेतु की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण सुनिश्चित किया गया जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी रैन बसेरों में स्वच्छता, प्रकाश, पेयजल एवं सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा अलाव स्थलों पर नियमित रूप से जलावन की उपलब्धता बनी रहे। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि कोई भी व्यक्ति खुले में, फुटपाथ अथवा पटरियों पर न सोए तथा सभी जरूरतमंदों को रैन बसेरों में सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा अलाव स्थलों पर उपस्थित लोगों से अलाव के जलने की स्थिति एवं व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक भी प्राप्त किया गया। साथ ही रैन बसेरों में ठहरे लोगों से उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली गई। इस दौरान रेलवे स्टेशन, छाया चौराहे, बंकी ब्लॉक के सामने स्थापित अस्थायी रैन बसेरे का निरीक्षण किया गया एवं विभिन्न स्थलों पर जल रहे अलावों का भी अवलोकन किया गया।
जनपद में की गई प्रमुख व्यवस्थाओं
रैन बसेरे :
जनपद में कुल 25 रैन बसेरे संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें निराश्रित एवं जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए सुरक्षित आश्रय की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है।
अलाव :
ठंड से बचाव हेतु जनपद में कुल 332 चिन्हित स्थलों पर अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे आमजन को शीतलहरी से राहत मिल सके।
कंबल वितरण :
तहसीलों के माध्यम से पात्र जरूरतमंद व्यक्तियों में कंबल वितरण की कार्यवाही सतत रूप से की जा रही है। अब तक 8142 जरूरतमंद व्यक्तियों को कंबल वितरित किए जा चुके हैं।
