रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। नचिकेता स्कूल्स में विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, प्राचीन विरासत और पारंपरिक ज्ञान से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय ज्ञान परंपरा पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। दून वैली स्कूल के डायरेक्टर अनुराग सिंघल ने विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा की विशेषताओं से परिचित कराते हुए जीवन में संस्कारों और नैतिक मूल्यों के महत्व को समझाया।
सत्र में अनुराग सिंघल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य के निर्माण का आधार भी है। भारत की प्राचीन संस्कृति, समृद्ध विरासत और पारंपरिक ज्ञान में जीवन को सही दिशा देने की महत्वपूर्ण सीख समाहित है। विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर इन मूल्यों को व्यवहार में उतारना चाहिए।
उन्होंने सत्य, अहिंसा, करुणा, अनुशासन, बड़ों के प्रति सम्मान और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता जैसे मूल्यों को जीवन में अपनाने पर जोर दिया। साथ ही ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को समझाते हुए कहा कि सभी के प्रति सम्मान और सद्भाव की सोच विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कारों और नैतिक मूल्यों से भी समृद्ध करना रहा। विद्यालय की ओर से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उनमें सांस्कृतिक चेतना विकसित करने पर जोर दिया गया।
यह सत्र विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा। इसके माध्यम से उन्हें भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को करीब से समझने का अवसर मिला।
