जौहर यूनिवर्सिटी में सरकारी धन के दुरुपयोग और करोड़ों रुपये की कथित अनियमितताओं का आरोप
ईडी की लंबी पूछताछ के बाद जेल में बंद आजम खान समेत तीन नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ एफआईआर
रामपुर एसपी अनिल कुमार सिसोदिया बोले— 200 करोड़ रुपये से अधिक की रकम से जुड़ी अनियमितताओं की बात सामने आई, साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
रिपोर्ट – शारिक खान
रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में कथित वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने अब मुकदमा दर्ज कराया है। जेल में बंद आजम खान समेत तीन नामजद आरोपियों और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रामपुर के अजीमनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
प्रवर्तन निदेशालय की लखनऊ इकाई के एक डिप्टी डायरेक्टर की ओर से यह शिकायत दी गई है। आरोप है कि विभिन्न सरकारी संस्थानों से संबंधित धनराशि और सरकारी भवनों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली रकम को कथित तौर पर जौहर विश्वविद्यालय और उससे जुड़े निर्माण कार्यों में लगाया गया। इसी धनराशि के हिसाब-किताब में अनियमितताओं की जांच के बाद ईडी ने यह कदम उठाया है।
गौर करने वाली बात यह है कि बीते मंगलवार की सुबह से शाम तक ईडी की टीम ने जेल में बंद आजम खान से पूछताछ की थी। इसके बाद मंगलवार और बुधवार की मध्यरात्रि में अजीमनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। मामले को लेकर रामपुर के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिसोदिया ने भी जानकारी दी है। एसपी के मुताबिक, मामले में कथित अनियमितताओं से जुड़ी रकम 200 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। हालांकि, जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले में ईडी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और अब जांच के जरिए आरोपों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।
ईडी ने दर्ज कराया मुकदमा
रामपुर में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान समेत तीन नामजद आरोपियों और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
एफआईआर अजीमनगर थाने में दर्ज कराई गई है। शिकायत प्रवर्तन निदेशालय की लखनऊ इकाई के एक डिप्टी डायरेक्टर की ओर से दी गई है। ईडी की जांच में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और विभिन्न सरकारी संस्थानों से जुड़ी रकम के इस्तेमाल में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
आरोप है कि सरकारी भवनों के निर्माण से संबंधित धनराशि का इस्तेमाल कथित तौर पर जौहर विश्वविद्यालय और उससे जुड़े निर्माण कार्यों में किया गया। इसी रकम के लेनदेन और हिसाब-किताब में गड़बड़ी की आशंका को लेकर ईडी ने अपनी जांच के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
पूछताछ के बाद आधी रात में एफआईआर
इस पूरे मामले में मंगलवार का दिन अहम रहा। जेल में बंद आजम खान से पूछताछ करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय की टीम पहुंची थी। टीम ने सुबह से शाम तक उनसे पूछताछ की। बताया जा रहा है कि पूछताछ के बाद मंगलवार और बुधवार की मध्यरात्रि में ईडी की ओर से अजीमनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।
ईडी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में तीन लोगों को नामजद किया गया है, जबकि एक अज्ञात व्यक्ति को भी आरोपी बनाया गया है। मामला सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित बताया जा रहा है।
अब पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां शिकायत में लगाए गए आरोपों, धनराशि के इस्तेमाल और उससे जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल करेंगी।
200 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमितताओं का जिक्र
इस मामले में रामपुर के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिसोदिया ने भी जानकारी दी है। एसपी ने बताया कि अजीमनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जौहर विश्वविद्यालय और उससे जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से विस्तृत जांच की गई है।
एसपी के मुताबिक, शिकायत में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। आरोप यह है कि सरकारी भवनों के निर्माण के लिए निर्धारित धनराशि को कथित तौर पर दूसरे कार्यों में इस्तेमाल किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अलग-अलग सरकारी संस्थानों से संबंधित धनराशि की जांच की गई है। इस दौरान विभिन्न लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में सामने आ रही रकम को लेकर 60 करोड़ रुपये सहित अलग-अलग धनराशियों का जिक्र है, जबकि कुल अनियमितताओं से संबंधित रकम 200 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
हालांकि, यह रकम किस मद से संबंधित है और उसका कितना हिस्सा कथित तौर पर कहां इस्तेमाल हुआ, इसका निर्धारण जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
अनिल कुमार सिसोदिया, पुलिस अधीक्षक, रामपुर
एसपी अनिल कुमार सिसोदिया ने कहा कि प्रवर्तन
निदेशालय की विस्तृत जांच के बाद मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी टांडा द्वारा की जाएगी। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जांच के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
ईडी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज होने के बाद अब मामले की जांच आगे बढ़ेगी। पुलिस की ओर से एफआईआर में दर्ज तथ्यों और आरोपों की विवेचना की जाएगी। वहीं, वित्तीय लेनदेन, सरकारी संस्थानों से संबंधित धनराशि, निर्माण कार्यों और जौहर विश्वविद्यालय में रकम के इस्तेमाल से जुड़े दस्तावेज जांच के अहम हिस्से हो सकते हैं।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकारी संस्थानों से संबंधित धनराशि कितनी थी, उसका इस्तेमाल किन कार्यों में किया गया और कथित वित्तीय अनियमितताओं में किन लोगों की भूमिका सामने आती है।
फिलहाल ईडी की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी
कुल मिलाकर, रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में ईडी की कार्रवाई ने आजम खान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जेल में पूछताछ के बाद दर्ज हुए इस मुकदमे में 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अनियमितताओं का जिक्र किया गया है। अब सभी की निगाहें पुलिस की विवेचना और जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी हैं।
