रिपोर्ट – वसीम खान
अहरौरा (मीरजापुर)। नगर के चौक बाजार में आयोजित रामलीला में शुक्रवार की रात ताड़का वध और मारीच दरबार की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के पराक्रम और धर्म की विजय का प्रसंग देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे। रामलीला के दौरान जय श्रीराम के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
लीला का मंचन गुरु विश्वामित्र के साथ भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के वन गमन के प्रसंग से आगे बढ़ा। राम-लक्ष्मण को वन में जाते देखकर ताड़का क्रोधित होकर उन पर आक्रमण करने दौड़ी। इसके बाद भगवान श्रीराम ने अपने बाण से ताड़का का वध कर दिया। रामचरितमानस की चौपाई ‘चले जात मुनि दीन्हि देखाई। सुनि ताड़का क्रोध करि धाई॥ एकहि बान प्रान हरि लीन्हा। दीन जानि तेहि निज पद दीन्हा॥’ के भावपूर्ण मंचन ने दर्शकों को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।
ताड़का वध के बाद मारीच दरबार की लीला का मंचन हुआ। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय और संवादों के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर दिया। अध्यक्ष कुमार आनंद ने बताया कि भगवान श्रीराम के शौर्य, गुरु विश्वामित्र के मार्गदर्शन और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रसंग ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
चौक बाजार की रामलीला में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर प्रभु श्रीराम की लीलाओं का आनंद ले रहे हैं। रामलीला समिति की ओर से आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यवस्था की गई है।
