रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था और उनके कानूनी अधिकारों की स्थिति जानने के लिए न्यायिक अधिकारियों ने व्यापक निरीक्षण किया। 21 सितंबर को प्रभारी जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गरिमा सिंह ने जिला कारागार की पाकशाला, अस्पताल, पुरुष बैरक, महिला बैरक और बाल बैरक का निरीक्षण किया। इस दौरान जेल प्रशासन के सहयोग से विभिन्न बैरकों में सघन चेकिंग अभियान भी चलाया गया।
निरीक्षण के दौरान सिविल जज (सीडि.) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी ने दोषसिद्ध बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने बंदियों को संविधान और कानून में दिए गए उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बंदी को अपने विधिक अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए और कानूनी सहायता की आवश्यकता होने पर वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकता है।
डॉ. चौधरी ने बंदियों को बताया कि दोषसिद्ध बंदियों को उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करने में किसी तरह की कानूनी समस्या आती है तो वे जेल अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आवेदन दे सकते हैं। ऐसे मामलों में नियमानुसार आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जाएगी। निरीक्षण के दौरान बंदियों से उनकी व्यक्तिगत और कानूनी समस्याओं के संबंध में भी जानकारी ली गई।
लोक अदालत से मामलों के जल्द निस्तारण पर जोर
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक को निर्देश दिए गए कि ऐसे बंदियों की सूची तैयार कर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाए, जिनके मामले ई-जेल लोक अदालत अथवा जेल लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किए जा सकते हैं। अधिकारियों ने ऐसे मामलों को चिह्नित कर शीघ्र निस्तारण की दिशा में कार्रवाई करने पर जोर दिया।
इसके अलावा जिन बंदियों की जमानत याचिकाएं अधीनस्थ न्यायालय से स्वीकृत हो चुकी हैं, उन्हें भी विधिक सहायता उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने जेल प्रशासन से बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं और उनकी समस्याओं की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैरकों से अस्पताल और पाकशाला तक लिया जायजा
न्यायिक अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान जेल की अलग-अलग व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पाकशाला में भोजन व्यवस्था, अस्पताल में उपचार संबंधी सुविधाओं तथा पुरुष, महिला और बाल बैरकों की व्यवस्थाओं को देखा गया। बैरकों में सघन चेकिंग अभियान चलाकर सुरक्षा व्यवस्था भी परखी गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल प्रशासन से बंदियों से संबंधित व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने को कहा।
निरीक्षण में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा, सिविल जज (सीडि.) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जसीम खान समेत जिला प्रशासन, पुलिस और न्यायिक विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
