रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के बड़सू गांव का 26 वर्षीय यश कुमार पिछले करीब साढ़े तीन महीने से रूस में फंसा हुआ है। परिवार का आरोप है कि नौकरी का झांसा देकर यश को रूस बुलाया गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद हालात ऐसे बने कि युवक खुद को मुश्किल में घिरा हुआ महसूस करने लगा। परिवार का दावा है कि यश का पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया गया और उस पर संदिग्ध काम करने का दबाव बनाया गया। मदद के लिए स्थानीय पुलिस के पास जाने से पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अब परिवार का आरोप है कि यश पर ऐसा अपराध कबूल करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिसे उसने किया ही नहीं। इतना ही नहीं, परिवार का दावा है कि उसे रूसी सेना में भेजकर वॉर जोन में भेजने की धमकी भी दी जा रही है। बेटे की सलामती को लेकर परेशान मां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भावुक अपील की है।
मामला मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव बड़सू का है। यहां रहने वाली अनीता देवी का 26 वर्षीय बेटा यश कुमार नौकरी की तलाश में रूस गया था। परिवार के मुताबिक यश को टेलीग्राम के जरिए रूस में डिलीवरी बॉय की नौकरी का ऑफर मिला था। एजेंट ने वीजा और टिकट के जरिए उसे रूस भेजने की बात कही थी। परिवार के अनुसार करीब 40 से 45 हजार रुपये खर्च होने के बाद 27 अप्रैल को यश बैंकॉक के रास्ते रूस पहुंचा।
चाचा सोनू सैनी के मुताबिक रूस पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों ने यश को रिसीव किया। आरोप है कि इसके बाद कई दिनों तक उसका ठिकाना और काम लगातार बदला जाता रहा। करीब आठ-नौ दिन बाद जब उसे काम दिया गया तो उसे शक हुआ कि वह गलत लोगों के बीच फंस गया है। परिवार का दावा है कि यश का पासपोर्ट भी उसके पास से ले लिया गया था।
परिवार के मुताबिक यश ने फोन पर अपनी मां को बताया था कि उसे संदिग्ध सामान की डिलीवरी करने के लिए कहा जा रहा है और विरोध करने पर उसे धमकियां दी जा रही हैं। बेटे की बात सुनकर मां घबरा गईं और उन्होंने यश को स्थानीय पुलिस से मदद लेने की सलाह दी। लेकिन परिवार का आरोप है कि पुलिस के पास पहुंचने से पहले ही यश को सिविल कपड़ों में मौजूद लोगों ने गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद से यश रूस की जेल और पूछताछ केंद्र में फंसा हुआ है। चाचा सोनू सैनी का आरोप है कि यश लगातार खुद को निर्दोष बता रहा है, लेकिन उस पर कथित तौर पर अपना अपराध कबूल करने का दबाव बनाया जा रहा है। परिवार का दावा है कि यश को यह भी कहा जा रहा है कि अगर वह अपराध कबूल करता है तो उसे रूसी सेना में भेजा जा सकता है।
परिवार का कहना है कि रूस में मौजूद भारतीय दूतावास से भी उन्होंने संपर्क किया, लेकिन उन्हें अब तक वह मदद नहीं मिल सकी जिसकी उन्हें उम्मीद थी। मां अनीता देवी का दावा है कि पहले उन्हें बताया गया था कि उनके बेटे को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिपोर्ट किया जाएगा, लेकिन करीब चार महीने बीतने के बाद भी बेटे की सुरक्षित वापसी नहीं हो सकी।
बेटे की सलामती को लेकर मां ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मदद की गुहार लगाई है। अनीता देवी का कहना है कि उनका बेटा निर्दोष है और वही उनके परिवार का सहारा है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि यश को आवश्यक कानूनी सहायता दिलाई जाए और उसे सुरक्षित भारत वापस लाया जाए।
वहीं यश के चाचा सोनू सैनी का कहना है कि परिवार लगातार अधिकारियों के स्तर पर पैरवी कर रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय और सांसद स्तर पर भी पत्राचार किए जाने का दावा परिवार कर रहा है, लेकिन रूस में फंसे यश तक अभी तक ऐसी मदद नहीं पहुंच पाई है, जिससे उसकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके।
अब इस पूरे मामले में परिवार की उम्मीद भारत सरकार और विदेश मंत्रालय पर टिकी है। परिवार की मांग है कि रूस में यश के मामले की निष्पक्ष कानूनी पैरवी कराई जाए, उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जल्द से जल्द उसे भारत वापस लाया जाए। हालांकि रूस में यश के साथ हुई घटनाओं और परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
