बुलंदशहर।
बुलंदशहर के खुर्जा जंक्शन क्षेत्र के गांव अरनिया मौजपुर में राशन वितरण को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने राशन डीलर पर निर्धारित मात्रा से कम राशन दिए जाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि प्रति यूनिट पांच किलो राशन की जगह कथित तौर पर करीब तीन किलो राशन दिया जा रहा है।
ग्रामीणों के इन आरोपों के बाद राशन वितरण व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
एक यूनिट पर तीन किलो राशन देने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि राशन वितरण के दौरान प्रत्येक यूनिट के हिसाब से उन्हें करीब तीन किलो राशन ही दिया जा रहा है। उनका कहना है कि निर्धारित मात्रा और उन्हें मिल रहे राशन में अंतर है।
ग्रामीणों ने राशन डीलर की वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि राशन लेने के लिए पहुंचने वाले कई उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
हालांकि, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक स्तर पर पुष्टि होना अभी बाकी है।
राशन डीलर पति पर अभद्रता का आरोप
ग्रामीणों ने राशन डीलर के पति पर उपभोक्ताओं के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि राशन लेने के दौरान सवाल पूछने या कम राशन दिए जाने की बात कहने पर उनके साथ कथित तौर पर ठीक व्यवहार नहीं किया जाता।
कुछ ग्रामीणों ने राशन डीलर के पति को दबंग किस्म का बताते हुए आरोप लगाया कि उनकी वजह से लोग अपनी शिकायत खुलकर रखने में असहज महसूस करते हैं।
इन आरोपों को लेकर भी संबंधित पक्ष का बयान सामने आना बाकी है। इसलिए मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पहले भी शिकायत किए जाने का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि राशन डीलर के खिलाफ पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने अब संबंधित विभाग के अधिकारियों से राशन वितरण की जांच कराने और यदि अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी राशन जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में वितरण में किसी भी तरह की अनियमितता होने पर उसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
मामला खुर्जा जंक्शन क्षेत्र के अरनिया मौजपुर गांव से जुड़ा है। ग्रामीणों की ओर से राशन की मात्रा और व्यवहार को लेकर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित विभाग की जांच जरूरी है।
यदि जांच में निर्धारित मात्रा से कम राशन वितरण या अन्य किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग की है। वहीं राशन डीलर या उसके पति की ओर से लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
