रिपोर्टर: संदीप वर्मा
ई-लॉटरी के माध्यम से हुआ लाभार्थियों का चयन
बाराबंकी में जिलाधिकारी ईशान प्रताप के निर्देशों के क्रम में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) राजकुमार सिंह की अध्यक्षता में डीआरडीए सभागार में नंद बाबा दुग्ध मिशन योजना के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना (वर्ष 2026-27) के लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया गया।
बैठक के दौरान जिला कार्यकारी समिति की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई।
320 आवेदनों में 304 पाए गए पात्र
योजना के लिए जनपद से कुल 320 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए थे। सत्यापन प्रक्रिया के बाद 304 आवेदक पात्र पाए गए, जिनमें 101 महिलाएं और 203 पुरुष शामिल हैं।
पात्र आवेदकों में से ई-लॉटरी के माध्यम से 14 महिला और 14 पुरुष, कुल 28 लाभार्थियों का चयन किया गया। चयन प्रक्रिया के दौरान सभागार में 73 आवेदक उपस्थित रहे।
चयनित लाभार्थियों को खरीदनी होंगी दो स्वदेशी गायें
योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को प्रदेश के बाहर से भारतीय नस्ल की गिर, साहीवाल, हरियाणा या थारपारकर नस्ल की दो गायें खरीदनी होंगी। साथ ही दोनों गायों का बीमा और इयर टैगिंग कराना भी अनिवार्य होगा।
सरकार देगी ₹80 हजार तक का अनुदान
योजना के तहत सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रति गाय अधिकतम ₹40,000 की सहायता प्रदान की जाएगी। इस प्रकार दो गायों की एक इकाई पर लाभार्थी को अधिकतम ₹80,000 का अनुदान मिलेगा।
दो माह के भीतर पूरी करनी होगी प्रक्रिया
बैठक के दौरान नोडल अधिकारी पी.के. वर्मा ने बताया कि ई-लॉटरी से चयनित सभी लाभार्थियों को चयन पत्र प्राप्त होने के दो माह के भीतर बाहरी प्रदेश से दो स्वदेशी गायें खरीदकर लानी होंगी।
उन्होंने बताया कि निर्धारित समय सीमा में यह प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर संबंधित लाभार्थी का चयन स्वतः निरस्त माना जाएगा और प्रतीक्षा सूची में शामिल आवेदकों को योजना का लाभ लेने का अवसर दिया जाएगा।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत बाराबंकी में ई-लॉटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया गया। योजना का उद्देश्य स्वदेशी गोवंश के संरक्षण को बढ़ावा देना, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना तथा पशुपालकों की आय में सुधार करना है। चयनित लाभार्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर योजना की सभी शर्तों का पालन करना होगा, तभी वे सरकारी अनुदान का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
