रिपोर्टर: कबीर
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम
मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (केजीबीवी) में मंगलवार को विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस-2026 के अवसर पर पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।
इस अवसर पर “पुनर्स्थापन, लचीलापन और उत्तरदायित्व” (Restoration, Resilience & Responsibility) थीम के अंतर्गत “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशन में हुआ आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर के निर्देशन तथा प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी अभिनव राज एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव कुमार ने किया।
पर्यावरण संरक्षण को बताया समय की सबसे बड़ी आवश्यकता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि बढ़ता प्रदूषण, लगातार घटते वन क्षेत्र और बिगड़ता पर्यावरणीय संतुलन पूरी मानव सभ्यता के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल पर्यावरण की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन, स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस जल, जंगल, जमीन, वन्यजीव और जैव विविधता के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर दिया जोर
डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि यदि प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन इसी प्रकार जारी रहा तो भविष्य में जल संकट, जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा जैसी चुनौतियां और गंभीर हो सकती हैं। उन्होंने सभी लोगों से पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने, अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने वैश्विक जैव विविधता लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए जनभागीदारी को सबसे महत्वपूर्ण बताया।
विद्यालय परिसर में किया गया पौधारोपण
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक पौधारोपण में भाग लिया और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। साथ ही उन्हें पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
शिक्षकों और विद्यालय परिवार का रहा सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की वार्डन रश्मि रानी, शिक्षिका पूनम शर्मा, वर्षा तथा शिवराज सिंह सहित विद्यालय परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी ने मिलकर पौधारोपण अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
निष्कर्ष
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के माध्यम से न केवल पौधारोपण किया गया, बल्कि लोगों को यह संदेश भी दिया गया कि प्रकृति का संरक्षण प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी और पौधों की देखभाल जैसे छोटे-छोटे प्रयास भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
