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परिवहन विभाग में अभिलेखीय अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई, तीन कर्मचारी निलंबित, जांच जारी

रिपोर्टर: शुभम सिंह, बांदा

बांदा से सामने आया महत्वपूर्ण प्रशासनिक मामला

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के चित्रकूट धाम, बांदा क्षेत्र में विभागीय अभिलेखों और डीजल से संबंधित रिकॉर्ड की जांच के दौरान अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में डीजल के रख-रखाव से जुड़े कई आवश्यक प्रपत्र और अभिलेख पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं मिले। इसी आधार पर विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सरकारी रिकॉर्ड के रख-रखाव में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि सरकारी दस्तावेजों के रख-रखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

डीजल चोरी के आरोपों का अधिकारी ने किया खंडन

मामले को लेकर क्षेत्रीय प्रबंधक राम लवट ने स्पष्ट किया कि विभाग के सामने अभी तक डीजल चोरी की पुष्टि करने वाला कोई तथ्य नहीं आया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर जिस प्रकार डीजल चोरी की चर्चा की जा रही है, वह जांच के निष्कर्षों से मेल नहीं खाती।

उनके अनुसार, वर्तमान जांच का मुख्य विषय डीजल से जुड़े विभागीय रिकॉर्ड और प्रपत्रों का रख-रखाव है। रिकॉर्ड में पाई गई कमियों और दस्तावेजों के अधूरे होने के कारण विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी जांच पूरी होना आवश्यक है।

विभागीय अभिलेखों में मिली कमियां

प्रारंभिक जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि डीजल के उपयोग, रख-रखाव और संबंधित अभिलेखों में कई स्थानों पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं थी। कुछ दस्तावेज अधूरे पाए गए, जबकि कुछ रिकॉर्ड निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप संधारित नहीं किए गए थे।

सरकारी विभागों में अभिलेखों का सही रख-रखाव अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इन्हीं के आधार पर विभागीय कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है। ऐसे में रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की कमी को विभाग ने गंभीर प्रशासनिक विषय माना है।

तीन कर्मचारियों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई

प्रथम दृष्टया जांच में जिम्मेदारी तय होने के बाद परिवहन विभाग ने तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई केवल प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर की गई है और अंतिम निर्णय विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद लिया जाएगा।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निलंबन का उद्देश्य निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है ताकि सभी तथ्यों की स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से जांच की जा सके। यदि आगे की जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार अतिरिक्त कार्रवाई भी की जा सकती है।

विस्तृत जांच जारी

विभागीय अधिकारियों की ओर से गठित टीम पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। जांच के दौरान सभी संबंधित अभिलेखों, डीजल उपयोग के रिकॉर्ड और विभागीय प्रक्रियाओं का मिलान किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या दस्तावेजों में जानबूझकर हेरफेर पाया जाता है तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय नियमों के अनुसार कठोर कदम उठाए जाएंगे।

अधिकारियों का स्पष्ट संदेश

परिवहन विभाग ने सभी कर्मचारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सरकारी अभिलेखों का रख-रखाव पूरी जिम्मेदारी और निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही, रिकॉर्ड में कमी या दस्तावेजों के संरक्षण में अनियमितता मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

विभाग का मानना है कि सार्वजनिक संस्थानों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से नियमित निरीक्षण और रिकॉर्ड की समीक्षा भी जारी रहेगी।

कार्यालय में बढ़ी हलचल

तीन कर्मचारियों के निलंबन की कार्रवाई के बाद चित्रकूट धाम, बांदा स्थित परिवहन विभाग कार्यालय में हलचल का माहौल देखा गया। विभागीय स्तर पर सभी रिकॉर्ड की दोबारा जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

सूत्रों के अनुसार, संबंधित शाखाओं में दस्तावेजों की समीक्षा और अभिलेखों के सत्यापन का कार्य भी तेज कर दिया गया है। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी कर्मचारी को दोषी मानना उचित नहीं होगा।

निष्पक्ष जांच पर विभाग का जोर

क्षेत्रीय प्रबंधक राम लवट ने कहा कि विभाग निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया कि फिलहाल मामला अभिलेखीय अनियमितताओं और रिकॉर्ड के रख-रखाव से जुड़ा है। डीजल चोरी के आरोपों की पुष्टि अभी तक जांच में नहीं हुई है।

उन्होंने आमजन से भी अपील की कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और केवल विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी को ही आधार मानें।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के चित्रकूट धाम, बांदा क्षेत्र में अभिलेखीय अनियमितताओं को लेकर शुरू हुई यह कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी रिकॉर्ड के रख-रखाव में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। फिलहाल तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, जबकि पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि अतिरिक्त तथ्य सामने आते हैं तो विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।

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