रिपोर्ट: श्रावस्ती संवाददाता
श्रावस्ती में ड्राइवरों का बड़ा प्रदर्शन
श्रावस्ती जिले के जिला मुख्यालय भिनगा में शनिवार को उत्तर प्रदेश ड्राइवर महासंगठन के बैनर तले सैकड़ों ड्राइवरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में ट्रक, बस, टैक्सी और अन्य व्यावसायिक वाहन चालकों ने एकजुट होकर सरकार से ड्राइवरों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में ड्राइवरों की कार्य परिस्थितियों में सुधार, दुर्घटनाओं के बाद होने वाले उत्पीड़न पर रोक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल किया गया।
सुरक्षा और सम्मान के लिए विशेष कानून की मांग
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के बाद कई बार वाहन चालकों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे मामलों में ड्राइवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अलग से प्रभावी कानून बनाए जाने की आवश्यकता है।
संगठन का कहना है कि दुर्घटना की निष्पक्ष जांच होने से पहले चालक को दोषी मान लेना उचित नहीं है। इसलिए ड्राइवरों के अधिकारों की रक्षा के लिए स्पष्ट कानूनी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
हाईवे पर बेहतर सुविधाओं की मांग
ज्ञापन में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था करने की मांग की गई। इसके साथ ही विश्राम गृह, स्वच्छ शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
संगठन का कहना है कि लंबे समय तक लगातार वाहन चलाने वाले ड्राइवरों को सुरक्षित विश्राम स्थल उपलब्ध होने से सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी।
प्रदर्शन के दौरान ड्राइवरों ने 55 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग रखी। उनका कहना है कि लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों में कार्य करने के बावजूद अधिकांश ड्राइवरों के पास वृद्धावस्था में आय का कोई स्थायी साधन नहीं होता।
इसके अलावा सड़क दुर्घटना में चालक की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की भी मांग की गई। स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में आर्थिक सहायता और निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
बच्चों की शिक्षा और लाइसेंस शुल्क में राहत की मांग
ड्राइवर महासंगठन ने सरकार से ड्राइवरों के बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था करने की मांग भी उठाई। संगठन का मानना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर चालक परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
इसके साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े शुल्क को कम करने और लाइसेंस संबंधी प्रक्रियाओं में अनावश्यक उत्पीड़न रोकने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
“ड्राइवर दिवस” घोषित करने की मांग
ज्ञापन में हर वर्ष 1 सितंबर को “ड्राइवर दिवस” घोषित करने की भी मांग की गई। संगठन का कहना है कि परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में ड्राइवरों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए उनके योगदान को सम्मान देने के लिए एक विशेष दिवस घोषित किया जाना चाहिए।
शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में चालक मौजूद रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और अंत में संगठन के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। अब ड्राइवरों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करेगी और आवश्यक कदम उठाएगी।
