रिपोर्टर: कबीर
मुजफ्फरनगर (मोरना)। शुकतीर्थ स्थित अखिल भारतीय संत शिरोमणि सतगुरु रविदास सतगुरु समनदास मिशन के तत्वावधान में स्वामी ज्ञान भिक्षुकदास महाराज के 66वें परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित 13वें विशाल सत्संग में रविवार रात श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। सत्संग में दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
गुरु पूजा और आरती के साथ हुआ शुभारंभ
सत्संग कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु पूजा के बाद प्रमुख सेवक संदीपदास द्वारा आरती-वंदना के साथ किया गया। कार्यक्रम के दौरान संतों की उपस्थिति में आश्रम के महंत महात्मा गोरधन दास महाराज ने संदीपदास महाराज को संन्यासी दीक्षा देकर साधु वेश धारण कराया और उन्हें व्यवस्था सेवा की जिम्मेदारी सौंपी।
सत्संग से मिलता है जीवन को सही मार्ग
अपने आशीर्वचन में महात्मा गोरधन दास महाराज ने कहा कि सतगुरु रविदास महाराज और सतगुरु स्वामी समनदास महाराज ने मानव कल्याण के लिए सत्संग का मार्ग दिखाया। उन्होंने शाकाहार, जीवों पर दया और प्रेम, समानता तथा सद्भाव का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि सत्संग जीवन को सकारात्मक दिशा देता है और समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करता है।
युवाओं को संस्कारों से जोड़ने का संदेश
महात्मा संदीपदास ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी संस्कारों से दूर होती जा रही है। उन्होंने परिवारों से बच्चों को आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि सत्संग समाज में प्रेम, भाईचारा और सदाचार की भावना को मजबूत करता है।
संतों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का संचालन जय विलास (लखनऊ) ने किया। इस अवसर पर महात्मा गुलाब दास (हरियाणा), महात्मा सतनाम दास, राजकुमार दास (सहारनपुर), अरविंद डाबरा, प्रीतम दास, राजकुमार ब्रह्मचारी, गुरमुख दास, राजवीर, सूरजभान, संत सुरेंद्र दास, संत ज्ञानचंद दास, आजाद दास, उमराव दास सहित अनेक संत-महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विशाल भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
सोमवार सुबह आश्रम परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, सेवा और भक्ति का वातावरण बना रहा।
