रिपोर्टर: मो. नसीम (ब्यूरो चीफ)
बाराबंकी। बाराबंकी के हैदरगढ़ क्षेत्र में शनिवार शाम एक निर्माणाधीन मैरिज हॉल में बड़ा हादसा हो गया। निर्माण कार्य के दौरान भारी शटरिंग अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे कई मजदूर मलबे में दब गए। राहत एवं बचाव अभियान के बाद सभी मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
शटरिंग गिरते ही मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निर्माणाधीन भवन में कार्य के दौरान कंक्रीट और लोहे से लदी शटरिंग अचानक गिर गई। हादसे के बाद चारों ओर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत राहत कार्य में जुट गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं।
अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम राजेश विश्वकर्मा, क्षेत्राधिकारी समीर कुमार सिंह, कोतवाली प्रभारी अनिल पांडे, नायब तहसीलदार सौरभ सिंह सहित पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। बाद में जिलाधिकारी ईसान प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय तथा एसडीआरएफ की टीम भी बचाव अभियान में शामिल हुई।
करीब ढाई घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद मलबे में फंसे सभी मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया।
एक मजदूर की मौत, कई घायल
रेस्क्यू अभियान के दौरान लोनीकटरा क्षेत्र के बद्दापुर (तेजवापुर) निवासी 45 वर्षीय नौशाद को गंभीर अवस्था में बाहर निकाला गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इसके अलावा रामलखन, प्रदीप कुमार सहित कई मजदूर घायल हुए हैं। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है। कुछ घायलों को गंभीर हालत में उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है।
डीएम ने दिए जांच के आदेश
जिलाधिकारी ईसान प्रताप सिंह ने बताया कि निर्माणाधीन परिसर में लगभग 28 मजदूर कार्य कर रहे थे, जबकि हादसे के समय दुर्घटनाग्रस्त हिस्से में 10 से 11 मजदूर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि सभी को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन एक मजदूर की जान नहीं बचाई जा सकी।
डीएम ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने बताया बचाव अभियान का विवरण
एसडीएम राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। स्थानीय नागरिकों, पुलिस, राजस्व विभाग और एसडीआरएफ के सहयोग से सभी मजदूरों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन परिसर लखनऊ निवासी के.पी. सिंह का बताया जा रहा है। प्रशासन ने निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के निर्देश दिए हैं।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
हादसे के बाद निर्माणाधीन भवनों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हादसा किस कारण हुआ। प्रशासन का कहना है कि तकनीकी जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चलेगा।
जांच पूरी होने के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
