रिपोर्ट कबीर
मुजफ्फरनगर। इस्लामिया इंटर कॉलेज की व्यवस्थाओं, विकास कार्यों और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सोमवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में छात्र हितों से जुड़े जागरूक नागरिक शारिक खान ने कई गंभीर मुद्दे उठाए। उन्होंने भारत सरकार के शिक्षा मंत्री को संबोधित एक मांग-पत्र जारी करते हुए कॉलेज में उच्चस्तरीय जांच और व्यापक विकास कार्यों की मांग की।
प्रेस वार्ता के दौरान शारिक खान ने कहा कि इस्लामिया इंटर कॉलेज हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थान है, लेकिन लंबे समय से यहां आधारभूत सुविधाओं और आधुनिक शैक्षिक संसाधनों का अभाव बना हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि विभिन्न मदों से समय-समय पर धनराशि प्राप्त होने के बावजूद कॉलेज में अपेक्षित विकास कार्य क्यों नहीं दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय में वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं तथा कथित भ्रष्टाचार की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की आवश्यकता है, ताकि वास्तविक स्थिति छात्रों, अभिभावकों और आम जनता के सामने आ सके।
शारिक खान ने मांग की कि इस्लामिया इंटर कॉलेज में नई एवं आधुनिक शैक्षणिक भवन का निर्माण कराया जाए। साथ ही विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अन्य स्थानों पर भटकना न पड़े, इसके लिए डिग्री कॉलेज की स्थापना, आधुनिक लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब और विज्ञान प्रयोगशालाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने वर्तमान प्रबंधन समिति के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यकता पड़ने पर नई एवं पारदर्शी प्रबंधन समिति के गठन की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति की आधारशिला है और छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
शारिक खान ने केंद्र और प्रदेश सरकार से अपील करते हुए कहा कि छात्रों और अभिभावकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मामले में शीघ्र प्रभावी कार्रवाई की जाए।
प्रेस वार्ता के बाद जारी मांग-पत्र शहर में चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग और शासन के आगामी कदमों पर टिकी हैं कि कॉलेज के विकास एवं कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर क्या कार्रवाई की जाती है।
