रिपोर्ट: कबीर
मुजफ्फरनगर। बरसात के मौसम से पहले पशुओं में फैलने वाली घातक गला घोटू (एचएस) बीमारी की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने मोरना ब्लॉक के खादर क्षेत्र स्थित ग्राम मीरावाला में विशेष निःशुल्क टीकाकरण एवं पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। शिविर में बड़ी संख्या में पशुपालकों ने अपने पशुओं का टीकाकरण कराया और पशु स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
निःशुल्क टीकाकरण कर पशुओं को दी सुरक्षा
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरेंद्र कुमार के नेतृत्व में विभागीय टीम ने गांव पहुंचकर पशुओं को गला घोटू बीमारी से बचाव के लिए निःशुल्क वैक्सीन लगाई। पशुपालकों को बताया गया कि गला घोटू एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो विशेष रूप से बरसात के मौसम में तेजी से फैलती है और समय पर उपचार न मिलने पर पशुओं की मौत तक हो सकती है।
उन्होंने कहा कि नियमित और समय पर टीकाकरण ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
पशु स्वास्थ्य कैंप में हुआ उपचार
टीकाकरण अभियान के साथ-साथ बहुउद्देशीय पशु स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया। शिविर में बीमार पशुओं की जांच कर उनका उपचार किया गया तथा पशुपालकों को पशुओं की देखभाल और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सुझाव दिए गए।
पशु चिकित्सकों ने पशुपालकों को साफ-सफाई, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के बारे में भी जानकारी दी।
योजनाओं की दी गई जानकारी
शिविर के दौरान पशुपालकों को पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। विभागीय अधिकारियों ने पशु बीमा योजना, टीकाकरण कार्यक्रम, कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं और आधुनिक पशुपालन तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया।
अधिकारियों ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर पशुपालक अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ पशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध करा सकते हैं।
ग्राम प्रधान का रहा विशेष सहयोग
इस आयोजन को सफल बनाने में ग्राम प्रधान घसीटा सिंह का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने ग्रामीणों को शिविर में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने के लिए प्रेरित किया और पशुपालन विभाग की पहल की सराहना की।
ग्रामीणों ने भी विभाग द्वारा गांव में आयोजित किए गए इस शिविर का स्वागत करते हुए ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित कराने की मांग की।
पशुपालकों से की गई अपील
पशु चिकित्सकों ने सभी पशुपालकों से अपील की कि वे अपने पशुओं का समय-समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि संक्रामक रोगों से बचाव के लिए जागरूकता और नियमित टीकाकरण बेहद आवश्यक है।
उन्होंने यह भी बताया कि समय पर टीकाकरण कराने से पशुओं की उत्पादकता बढ़ती है और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकता है।
बीमारी पर नियंत्रण के लिए जरूरी है जागरूकता
पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि गला घोटू जैसी संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण के लिए पशुपालकों की जागरूकता बेहद महत्वपूर्ण है। यदि सभी पशुपालक नियमित रूप से टीकाकरण कराएं तो ऐसी बीमारियों के प्रसार को काफी हद तक रोका जा सकता है।
ग्राम मीरावाला में आयोजित यह विशेष शिविर पशुपालकों के लिए लाभकारी साबित हुआ और पशु स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
