Homeउत्तर प्रदेशसंदिग्ध परिस्थितियों में बुजुर्ग किसान की मौत से क्षेत्र में सनसनी, इलाज...

संदिग्ध परिस्थितियों में बुजुर्ग किसान की मौत से क्षेत्र में सनसनी, इलाज को लेकर उठे सवाल

रिपोर्ट: पवन कुमार श्रीमाली
स्थान: हथगांव, फतेहपुर

फतेहपुर जिले के हथगांव थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठने लगी है।

खेत में काम करने के दौरान बिगड़ी तबीयत

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के अकबरपुर चोराई गांव के मजरा कुम्हारन का पुरवा निवासी धुन्ना लाल (62) अपने घर के लिए छप्पर बनाने हेतु बांस काटने गए थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने कई बांस काटने के बाद भीषण गर्मी और उमस के बीच गंगा स्नान किया। इसके बाद वह कुछ समय तक बांस की कोठी के पास आराम करते रहे।

ग्रामीणों के अनुसार दोपहर के समय उन्हें सिरदर्द और बेचैनी महसूस होने लगी। तबीयत अधिक खराब होने पर वह उपचार के लिए चोराई चौराहा स्थित एक निजी चिकित्सक के पास पहुंचे।

उपचार के दौरान हुई मौत

मामले में निजी चिकित्सक लाखन का कहना है कि धुन्ना लाल उनके पास पहुंचे तो उनकी तबीयत पहले से खराब थी। चिकित्सक के अनुसार बुजुर्ग को अचानक उल्टियां होने लगीं और कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई।

वहीं कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि प्राथमिक उपचार के दौरान उन्हें इंजेक्शन लगाया गया था, जिसके बाद उनकी हालत और बिगड़ गई। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट सामने आई है।

परिजनों ने उठाए सवाल

मृतक के परिजनों का कहना है कि घटना के समय परिवार का कोई सदस्य मौके पर मौजूद नहीं था। उन्हें बाद में ग्रामीणों द्वारा फोन पर सूचना दी गई। परिजनों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके।

घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है और ग्रामीण भी मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे प्रश्न

इस घटना के बाद क्षेत्र में संचालित निजी क्लीनिकों और बिना मान्यता प्राप्त चिकित्सा केंद्रों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग प्राथमिक उपचार के लिए निजी चिकित्सकों पर निर्भर रहते हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई स्थानों पर बिना पर्याप्त संसाधनों और विशेषज्ञता के इलाज किया जाता है, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी।

जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल बुजुर्ग किसान की मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। यह पता लगाने के लिए कि मौत गर्मी, स्वास्थ्य संबंधी समस्या या किसी अन्य कारण से हुई, जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच होती है तो घटना से जुड़े सभी तथ्य सामने आ सकेंगे और जिम्मेदारियों का भी निर्धारण हो सकेगा।

निष्कर्ष

हथगांव क्षेत्र में हुई यह घटना कई सवाल छोड़ गई है। एक ओर बुजुर्ग किसान की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। अब सभी की नजर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments