रिपोर्ट: शारिक खान
रामपुर, उत्तर प्रदेश
पुलिस और वांछित आरोपी के बीच हुई मुठभेड़
रामपुर जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी टीम को बड़ी सफलता मिली है। हत्या के प्रयास के एक मामले में वांछित चल रहे आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया था। आखिरकार संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसे दबोचने में सफलता प्राप्त की।
26 मई की घटना से जुड़ा है मामला
पुलिस के मुताबिक 26 मई 2026 को थाना सिविल लाइन क्षेत्र में एक गंभीर आपराधिक घटना सामने आई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को लिखित तहरीर देकर बताया था कि उसके भाई को दो मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा संख्या 244/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने विभिन्न साक्ष्य जुटाए और मामले में शामिल आरोपियों की पहचान की।
प्रारंभिक कार्रवाई में एक आरोपी रवि पुत्र झम्मन सिंह निवासी चंदनपुर, थाना पटवाई को गिरफ्तार किया गया था, जबकि दूसरा आरोपी रनवीर सिंह लगातार फरार चल रहा था।
गिरफ्तारी के लिए गठित की गई थी विशेष टीम
आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सिविल लाइन पुलिस, सर्विलांस टीम और एसओजी को मिलाकर विशेष टीम गठित की गई थी।
पुलिस अधीक्षक रामपुर के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में टीम लगातार आरोपी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की तलाश जारी थी।
चेकिंग के दौरान सामने आया संदिग्ध बाइक सवार
31 मई 2026 को थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी टीम संयुक्त रूप से क्षेत्र में गश्त और चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान ग्राम जुटिया की ओर जाने वाले मार्ग पर एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार दिखाई दिया।
पुलिस टीम ने उसे रुकने का संकेत दिया, लेकिन उसने वाहन रोकने के बजाय भागने का प्रयास किया। आरोपी कच्चे रास्ते की ओर तेजी से बढ़ा, लेकिन जल्दबाजी में उसकी बाइक फिसल गई और वह गिर पड़ा।
इसके बाद उसने भागने की कोशिश की और खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस पर की गई फायरिंग
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर गोली चलाई। अचानक हुई फायरिंग से पुलिसकर्मी सतर्क हो गए और उन्होंने सुरक्षा घेरे में रहते हुए आरोपी को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी।
हालांकि आरोपी ने चेतावनी की अनदेखी करते हुए फायरिंग जारी रखी। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ आरोपी
पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी रनवीर सिंह के बाएं पैर में गोली लग गई। गोली लगने के बाद वह घायल होकर गिर पड़ा और पुलिस टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रनवीर सिंह पुत्र तेज सिंह निवासी मथुरापुर कलां, थाना पटवाई, जनपद रामपुर के रूप में हुई।
पुलिस ने घायल आरोपी को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा, जहां उसका चिकित्सकीय उपचार कराया गया।
अवैध हथियार और बाइक बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध 315 बोर तमंचा बरामद किया। तमंचे में एक खोखा कारतूस फंसा हुआ मिला, जबकि दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।
इसके अलावा घटना में प्रयुक्त एक अन्य खोखा कारतूस भी बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से एक हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल भी बरामद की, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर UP 22 N 0540 बताया गया है।
बरामदगी के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में नया मुकदमा भी दर्ज किया है।
पुलिस ने दर्ज किया नया मुकदमा
मुठभेड़ और बरामदगी के बाद थाना सिविल लाइन में मुकदमा संख्या 248/2026 दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की धाराओं में भी कार्रवाई की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से आगे की पूछताछ की जा रही है और उसके आपराधिक इतिहास की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी
रामपुर पुलिस का कहना है कि जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी है। वांछित अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऐसी कार्रवाइयों का उद्देश्य समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना और अपराधियों में कानून का भय पैदा करना है।
पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय
इस पूरी कार्रवाई को सफल बनाने में थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभियान का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक ओमकार सिंह और एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक दीपक मलिक ने किया।
इसके अलावा उपनिरीक्षक सतेंद्र शर्मा, उपनिरीक्षक मनीष गिल, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार, हरिओम सिंह, नवनीत कुमार, मोक्षेंद्र कुमार, कांस्टेबल देवेंद्र कुमार, नवीन कुमार, मंजीत सिंह, दिग्विजय सिंह, आकाश भारती और आदेश कुमार ने भी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।
कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस सख्त
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी प्रकार जारी रहेगी। जो भी व्यक्ति कानून व्यवस्था को चुनौती देगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा।
निष्कर्ष
रामपुर में थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी टीम द्वारा वांछित आरोपी रनवीर सिंह की गिरफ्तारी कानून व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। मुठभेड़ के बाद हुई गिरफ्तारी से पुलिस ने एक गंभीर मामले के आरोपी को कानून के दायरे में लाने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस का कहना है कि जनपद में अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
रामपुर से शारिक खान की रिपोर्ट
