रिपोर्ट: कबीर ब्यूरो
मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई जयंती
भारत के इतिहास में अपनी न्यायप्रियता, जनसेवा और लोककल्याणकारी शासन व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध राजमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती शनिवार को मुजफ्फरनगर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। समाजवादी पार्टी कार्यालय, महावीर चौक पर आयोजित कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने राजमाता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके जीवन और कार्यों को याद किया।
कार्यक्रम समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे। इस अवसर पर वक्ताओं ने राजमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
न्यायप्रिय और जनहितैषी शासक के रूप में याद की गईं अहिल्याबाई
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की उन महान विभूतियों में शामिल हैं, जिन्होंने अपने शासनकाल में जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
वक्ताओं ने कहा कि उनका शासन न्याय, पारदर्शिता और जनकल्याण पर आधारित था। उन्होंने अपने राज्य की जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए। यही कारण है कि आज भी उन्हें एक आदर्श शासक के रूप में सम्मानपूर्वक याद किया जाता है।
नेताओं ने कहा कि वर्तमान समय में भी उनके विचार और कार्यशैली शासन व्यवस्था के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
समाजवादी पार्टी नेताओं ने रखे विचार
कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं महानगर अध्यक्ष बॉबी त्यागी, जिला महासचिव सोमपाल सिंह कोरी सहित कई नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया और जनता का विश्वास कायम रखा।
वक्ताओं ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सफलता जनता के प्रति जवाबदेही और सेवा की भावना पर निर्भर करती है, जिसका उत्कृष्ट उदाहरण राजमाता के जीवन से मिलता है।
धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में रहा महत्वपूर्ण योगदान
कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने राजमाता अहिल्याबाई होलकर के धार्मिक और सांस्कृतिक योगदान पर भी विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि अहिल्याबाई होलकर ने देश के कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। काशी विश्वनाथ मंदिर और सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार में उनके योगदान को आज भी विशेष सम्मान के साथ याद किया जाता है।
इसके अलावा उन्होंने विभिन्न तीर्थस्थलों पर घाटों, धर्मशालाओं और सड़कों का निर्माण कर यात्रियों की सुविधा के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। उनके द्वारा किए गए विकास कार्य आज भी भारतीय संस्कृति और विरासत की पहचान बने हुए हैं।
किसानों और व्यापार के विकास के लिए किए ऐतिहासिक कार्य
वक्ताओं ने कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होलकर केवल धार्मिक और सांस्कृतिक विकास तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने किसानों और व्यापारियों के हितों के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।
उनके शासनकाल में कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए गए। किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं और व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया गया।
नेताओं ने कहा कि आर्थिक विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्य भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।
जनहित और सेवा की भावना को बताया सबसे बड़ा संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन हमें यह संदेश देता है कि सत्ता का उद्देश्य केवल शासन करना नहीं बल्कि जनता की सेवा करना होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनहित, सामाजिक न्याय और सेवा की भावना किसी भी समाज और लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत होती है। यदि जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता इन मूल्यों को अपनाएं तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की मदद के लिए हमेशा आगे रहें और जनसेवा को अपनी प्राथमिकता बनाएं।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे पदाधिकारी और कार्यकर्ता
कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें जिला मीडिया प्रभारी साजिद हसन, जिला उपाध्यक्ष रमेशचंद शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह नीटू, अंकित शर्मा, समाजवादी महिला सभा जिलाध्यक्ष पूजा अनिल अंबेडकर, सपा नेत्री दीप्ति पाल, पूर्व चेयरमैन चौधरी ओमपाल सिंह, मीर हसन, अरशद मलिक, रामपाल सिंह पाल, अनुज कुमार गुर्जर, गगन महावी, फरमान मोनू, तरुण शर्मा और पंकज शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।
सभी ने राजमाता अहिल्याबाई होलकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं अहिल्याबाई होलकर
कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए प्रेरणा का मार्गदर्शक है।
उन्होंने कहा कि उनके जीवन से हमें ईमानदारी, सेवा, नेतृत्व क्षमता और जनकल्याण के प्रति समर्पण की सीख मिलती है। यही कारण है कि आज भी विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठन उनके आदर्शों को याद करते हैं और समाज के सामने प्रस्तुत करते हैं।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर में आयोजित राजमाता अहिल्याबाई होलकर जयंती समारोह श्रद्धा, सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक बनकर सामने आया। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए जनसेवा, न्याय और सुशासन के मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि राजमाता के आदर्श आज भी समाज और शासन व्यवस्था के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे।
ब्यूरो रिपोर्ट: कबीर
