रिपोर्ट: कबीर, मुजफ्फरनगर
टीजीटी परीक्षा की तैयारियों को लेकर प्रशासन की अहम बैठक
मुजफ्फरनगर में आगामी प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शनिवार को जिला पंचायत सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने की।
बैठक में सैक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक, नोडल अधिकारी, प्रधानाचार्य तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र, अभ्यर्थियों की सुविधाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
3 और 4 जून को होगी टीजीटी परीक्षा
प्रशासन के अनुसार टीजीटी परीक्षा 3 और 4 जून 2026 को जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में संपन्न होगी, जिसके लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
नकल के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा के दौरान नकल या किसी भी प्रकार की अनियमितता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जाए। यदि कहीं भी गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी और बायोमैट्रिक निगरानी पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक के दौरान परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी निगरानी को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह सक्रिय स्थिति में रहें और उनकी रिकॉर्डिंग की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
इसके अलावा अभ्यर्थियों के बायोमैट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया को भी मानकों के अनुरूप संचालित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का मानना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सकता है।
स्ट्रांग रूम और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रश्नपत्रों के वितरण और सुरक्षित भंडारण की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुसार की जाए। सभी संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें ताकि परीक्षा की विश्वसनीयता बनी रहे।
एसएसपी ने कानून-व्यवस्था को लेकर दिए निर्देश
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा अवधि के दौरान सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, फर्जी अभ्यर्थी, नकल गिरोह या परीक्षा में बाधा उत्पन्न करने वाले तत्वों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन परीक्षा के दौरान हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगा।
अभ्यर्थियों की सुविधाओं को लेकर भी गंभीर प्रशासन
प्रशासन ने केवल सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं बल्कि परीक्षार्थियों की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। बैठक में कहा गया कि परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, बैठने की समुचित व्यवस्था और स्वच्छता सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन, बैग तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सुरक्षित रखने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन चाहता है कि परीक्षा के दौरान छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सभी अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियां
बैठक के दौरान विभिन्न अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय की गईं। सैक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया गया कि वे परीक्षा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और किसी भी कमी की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा की सफलता सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है और प्रत्येक अधिकारी को अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ पालन करना होगा।
पुलिस और प्रशासन का संयुक्त अभियान
बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने संयुक्त रूप से परीक्षा की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर रणनीति तैयार की।
प्रशासन का मानना है कि पुलिस और प्रशासन के बेहतर समन्वय से परीक्षा को पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराया जा सकेगा। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को पहले से ही अलर्ट मोड पर रखा गया है।
निष्पक्ष परीक्षा के लिए अभूतपूर्व इंतजाम
मुजफ्फरनगर प्रशासन की तैयारियों को देखते हुए स्पष्ट है कि इस बार टीजीटी परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सीसीटीवी निगरानी, बायोमैट्रिक सत्यापन, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि परीक्षा की शुचिता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति या समूह परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त तैयारी से परीक्षार्थियों में भी विश्वास बढ़ा है कि परीक्षा पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपन्न होगी।
