रिपोर्ट: राकेश कुमार, बिजनौर
हिंदी पत्रकारिता दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया
बिजनौर जनपद के नगीना नगर में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर भारतीय प्रेस क्लब एसोसिएशन द्वारा एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हिंदू इंटर कॉलेज नगीना परिसर में किया गया, जहां बड़ी संख्या में पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। समारोह के दौरान हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास, वर्तमान चुनौतियों और लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक रहा। उपस्थित वक्ताओं ने पत्रकारिता के महत्व को रेखांकित करते हुए समाज में निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर पत्रकारों के योगदान को सराहा गया और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए विधायक मनोज पारस
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में नगीना के विधायक एवं पूर्व मंत्री माननीय मनोज पारस शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर आयोजकों और पत्रकारों द्वारा उनका स्वागत किया गया। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और हिंदी पत्रकारिता दिवस की सभी पत्रकारों को शुभकामनाएं दीं।
अपने संबोधन में विधायक मनोज पारस ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। उन्होंने कहा कि समाज और सरकार के बीच संवाद स्थापित करने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। पत्रकार अपनी लेखनी और रिपोर्टिंग के माध्यम से जनसमस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाते हैं, जिससे आम जनता को न्याय और समाधान प्राप्त करने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में पत्रकारिता के सामने नई चुनौतियां हैं, लेकिन निष्पक्षता, सत्यता और जनहित के मूल्यों को बनाए रखना पत्रकारों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
पत्रकारों के योगदान को किया गया सम्मानित
हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के योगदान की सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होते हैं और उनकी जिम्मेदारी केवल समाचार देना ही नहीं बल्कि समाज को जागरूक और शिक्षित करना भी है।
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय पत्रकारों के अनुभवों को भी साझा किया गया। वरिष्ठ पत्रकारों ने युवा पत्रकारों को निष्पक्ष, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता करने की प्रेरणा दी।
समाज और लोकतंत्र के लिए पत्रकारिता का महत्व
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का आधार होती है। पत्रकार समाज की समस्याओं, उपलब्धियों और चुनौतियों को जनता और सरकार के सामने लाने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि पत्रकारों को सत्य के साथ खड़े रहना चाहिए और समाजहित को सर्वोपरि रखना चाहिए। मीडिया की विश्वसनीयता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और इसे बनाए रखना सभी पत्रकारों का कर्तव्य है।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
समारोह में समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव जयप्रकाश चंदेल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शिवकुमार गोस्वामी, जिला उपाध्यक्ष मास्टर धर्मवीर सिंह, प्रदेश सचिव भूरे सिंह, इकबाल कुरैशी सहित अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे।
इसके अलावा वरिष्ठ पत्रकार शाकिर अंसारी, वरिष्ठ पत्रकार राकेश कुमार, वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुमार दक्ष, पत्रकार शेर सिंह, पत्रकार वसीम वारसी और वरिष्ठ पत्रकार विनय कुमार सहित क्षेत्र के कई पत्रकार कार्यक्रम में मौजूद रहे। सभी ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए और पत्रकारिता के मूल्यों को बनाए रखने का संकल्प लिया।
हिंदी पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास
हिंदी पत्रकारिता दिवस भारतीय पत्रकारिता के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। इस दिन हिंदी भाषा में प्रकाशित पहले समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ के प्रकाशन को याद किया जाता है। हिंदी पत्रकारिता ने देश की आजादी, सामाजिक जागरूकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय के साथ पत्रकारिता के स्वरूप में परिवर्तन आया है, लेकिन उसका मूल उद्देश्य समाज को सही और तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराना ही है। यही कारण है कि आज भी पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है।
निष्पक्ष पत्रकारिता का लिया गया संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित पत्रकारों और अतिथियों ने निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने सभी अतिथियों और पत्रकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन कर पत्रकारिता के मूल्यों को मजबूत किया जाएगा।
हिंदी पत्रकारिता दिवस का यह आयोजन न केवल पत्रकारों के सम्मान का अवसर बना, बल्कि समाज में मीडिया की सकारात्मक भूमिका और जिम्मेदारियों को समझने का एक महत्वपूर्ण मंच भी साबित हुआ।
