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दवाओं की हकीकत पर सीएमओ का छापा, स्टोर से वेयरहाउस तक खंगाली व्यवस्था

रिपोर्ट: कबीर

मो.: 9389289821

मुजफ्फरनगर में सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता और भंडारण व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय नजर आया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने बुधवार को जिला चिकित्सालय परिसर स्थित सीएमएसडी स्टोर से लेकर बामनहेरी के केंद्रीय ड्रग वेयरहाउस तक औचक निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने दवाओं के स्टॉक, एक्सपायरी डेट, रिकॉर्ड संधारण और वितरण व्यवस्था की बारीकी से जांच की। अचानक हुए निरीक्षण से अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।

जिला अस्पताल के स्टोर में जांच

सीएमओ ने सबसे पहले जिला चिकित्सालय स्थित सीएमएसडी स्टोर का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने जीवनरक्षक और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर, दवाओं के रिकॉर्ड और उनके रखरखाव की स्थिति को गंभीरता से परखा गया। डॉ. सुनील तेवतिया ने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में मरीजों को दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

एक्सपायरी दवाओं पर विशेष फोकस

निरीक्षण के दौरान एक्सपायर होने वाली दवाओं को लेकर भी सीएमओ ने विशेष सतर्कता दिखाई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक्सपायर दवाओं को तत्काल अलग किया जाए और नियमानुसार उनका निस्तारण कराया जाए।

इसके साथ ही स्टोर में साफ-सफाई, तापमान नियंत्रण और सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था की भी जांच की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि दवाओं के संरक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

बामनहेरी वेयरहाउस का भी निरीक्षण

इसके बाद सीएमओ बामनहेरी स्थित केंद्रीय ड्रग वेयरहाउस पहुंचे। यहां से जिले के विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की आपूर्ति की जाती है।

उन्होंने दवा वितरण प्रणाली, उपलब्ध स्टॉक और भंडारण व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सीएमओ ने कहा कि जिले की सभी स्वास्थ्य इकाइयों तक समय पर पर्याप्त मात्रा में दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर न होना पड़े।

पारदर्शी स्टॉक प्रबंधन पर जोर

डॉ. सुनील तेवतिया ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पारदर्शी स्टॉक प्रबंधन और दवाओं की सतत उपलब्धता बेहद जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और सभी व्यवस्थाओं को शासन के मानकों के अनुरूप बनाए रखने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

सीएमओ के अचानक निरीक्षण की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों में हलचल तेज हो गई। कई स्थानों पर रिकॉर्ड और स्टॉक की जांच को लेकर कर्मचारी सक्रिय दिखाई दिए।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

मरीजों को राहत देने की तैयारी

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि दवा आपूर्ति और भंडारण व्यवस्था को मजबूत बनाने से सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा।

प्रशासन का उद्देश्य है कि अस्पतालों में दवाओं की कमी न हो और मरीजों को सभी जरूरी दवाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा सकें।

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