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हीट वेव को लेकर प्रशासन अलर्ट, जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने जारी की एडवाइजरी

रिपोर्ट: शारिक खान / रामपुर

भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए रामपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। हीट वेव और लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने जनहित में विस्तृत एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

जिलाधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा हीट वेव और लू से बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और गर्मी से होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाना है।

अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह

जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी सबसे बड़ी समस्या बन जाती है। ऐसे में लोगों को अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए, चाहे उन्हें प्यास महसूस हो या नहीं।

उन्होंने कहा कि हल्के रंग के और पसीना सोखने वाले कपड़े पहनें। धूप में निकलते समय छाता, टोपी, धूप का चश्मा और चप्पल का उपयोग करें। यदि कोई व्यक्ति खुले में काम करता है तो उसे सिर, चेहरा, हाथ और पैरों को गीले कपड़े से ढककर रखना चाहिए।

यात्रा के दौरान साथ रखें पानी

प्रशासन ने लोगों को यात्रा के दौरान पीने का पानी अपने साथ रखने की सलाह दी है। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी पूरी करने के लिए ओआरएस, लस्सी, छाछ, नींबू पानी और चावल का माड़ जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करने की अपील की गई है।

जिलाधिकारी ने कहा कि गर्मी के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। लापरवाही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानने की अपील

डीएम ने लोगों से हीट स्ट्रोक, हीट रैश और हीट क्रैम्प के लक्षणों को पहचानने की अपील की है। उन्होंने बताया कि कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, पसीना आना, उल्टी जैसा महसूस होना और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अचानक ज्यादा कमजोरी महसूस हो या वह बेहोश हो जाए तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर प्राथमिक उपचार देना चाहिए और अस्पताल पहुंचाना चाहिए।

घर और कार्यस्थल को ठंडा रखने की सलाह

जिलाधिकारी ने लोगों से अपने घरों को ठंडा रखने के लिए पर्दों और दरवाजों का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शाम और रात के समय खिड़कियां खोल दें ताकि ताजी हवा अंदर आ सके।

इसके अलावा पंखों और गीले कपड़ों का उपयोग करने तथा अधिक गर्मी लगने पर बार-बार स्नान करने की सलाह भी दी गई है।

कार्यस्थलों पर भी ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने और कर्मचारियों को सीधी धूप से बचाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने श्रमसाध्य कार्यों को सुबह या शाम के ठंडे समय में करने पर जोर दिया है।

गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों पर विशेष ध्यान

जिलाधिकारी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे लोगों को अधिक देर तक धूप में नहीं रहना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों और पालतू जानवरों को खड़ी गाड़ियों में बिल्कुल न छोड़ें, क्योंकि बंद वाहनों में तापमान तेजी से बढ़ जाता है जो जानलेवा साबित हो सकता है।

दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें

प्रशासन ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तेज धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। इस समय तापमान सबसे अधिक होता है और लू लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।

डीएम ने यह भी कहा कि गहरे रंग के भारी और तंग कपड़े पहनने से बचें तथा अत्यधिक गर्मी के समय कठिन शारीरिक कार्य न करें।

चाय-कॉफी और शराब से दूरी बनाने की सलाह

जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि गर्मी के मौसम में शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन कम से कम करना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर में निर्जलीकरण बढ़ता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी हीट वेव से बचाव के प्रति जागरूक करें।

प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एजेंसियों को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में आवश्यक दवाओं और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

प्रशासन का कहना है कि लोगों की जागरूकता और सतर्कता से ही हीट वेव के खतरे को कम किया जा सकता है।

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